फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत सेक्टर-15 स्थित जिमखाना परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर पौधा एक जीवन है और अगर हम सच में अपनी मां और धरती मां का सम्मान करना चाहते हैं तो हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने खुद पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में नीम, पीपल, अमलतास, अशोक और कचनार जैसे छायादार एवं औषधीय पौधे लगाए गए। मुख्यमंत्री ने खुद पौधों को खाद और पानी देकर रोपण किया और इस दौरान उपस्थित सभी नागरिकों, अधिकारियों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्यों से आग्रह किया कि पौधों की नियमित देखभाल करें ताकि वे एक दिन विशाल वृक्ष बन सकें।
पौधारोपण से ही मिलेगा स्वच्छ पर्यावरण
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु संकट को देखते हुए पौधारोपण हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यह अभियान सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि जनआंदोलन है। अगर हर व्यक्ति हर साल कम से कम एक पौधा लगाकर उसे सुरक्षित रखें तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और बेहतर जीवन दिया जा सकता है।
इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलवाई। सभी ने हाथ उठाकर यह संकल्प लिया कि वे पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे।
हरियाणा सरकार चला रही है कई पर्यावरणीय पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेशभर में बड़े स्तर पर हरित अभियान चलाए जा रहे हैं। “एक पेड़ मां के नाम” के साथ-साथ “म्हारा गांव-जगमग गांव” और “हर घर हरियाली” जैसी योजनाओं से लोगों को प्राकृतिक संरक्षण की दिशा में जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर हम सब मिलकर पेड़ों को बचाएं तो प्राकृतिक आपदाएं, गर्मी और प्रदूषण जैसी समस्याएं काफी हद तक कम हो सकती हैं।
स्थानीय लोगों ने लिया सक्रिय भाग
पौधारोपण कार्यक्रम में शहर के समाजसेवी, स्कूलों के बच्चे, एनजीओ प्रतिनिधि और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री के साथ मिलकर पौधे लगाए और इस अभियान को सफल बनाने का भरोसा जताया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में पर्यावरण संरक्षण की भावना को जागृत करना था।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि वे आगे भी पेड़ लगाएं और कम से कम एक पौधे को अपनी मां के नाम समर्पित करें, क्योंकि मां जीवन देती है और पेड़ भी जीवनदायी होते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास हमारे समाज और प्रकृति दोनों के लिए अमूल्य हैं।