बलिया। ब्यूरो रिपोर्ट – IBN NEWS
बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में एक गंभीर सामाजिक समस्या को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना और उसका समाधान तुरंत सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए।
🧕 फरियादी महिला की दास्तान
ग्राम पकड़ी, तहसील सिकंदरपुर की निवासी महिला पिंकी सिंह, पत्नी अनिल सिंह, ने जनसुनवाई में अपनी गंभीर समस्याएं डीएम के समक्ष प्रस्तुत कीं। महिला ने रोते हुए बताया:
“मेरे पति ने मुझे घर से निकाल दिया, अब मैं मायके में रह रही थी लेकिन भाई ने भी साथ छोड़ दिया। तीन बेटे और एक बेटी है, घर नहीं है, रोजगार नहीं है, बच्चों को खाना कैसे दूं, समझ नहीं आता।”
महिला की बातें सुनकर जनसुनवाई में मौजूद सभी अधिकारी और कर्मचारी भावुक हो गए। उसकी स्थिति को देखते हुए डीएम ने गंभीरता दिखाई।
🏠 डीएम ने दिए तत्काल राहत के निर्देश
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने तुरंत आवास, रोजगार, शिक्षा और सरकारी योजनाओं से लाभ दिलवाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा:
“महिला को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए, बच्चों को तत्काल पास के सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाया जाए और खाद्यान्न, विधवा या पात्र गृहस्थ राशन कार्ड सहित सभी योजनाओं से जोड़ा जाए।”
📋 भविष्य की सुरक्षा के लिए पक्का आश्वासन
डीएम ने महिला को स्पष्ट आश्वासन दिया कि:
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सरकारी पट्टा (भूमि) प्रदान किया जाएगा
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रोजगार या स्वरोजगार योजना से जोड़ा जाएगा
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बच्चों की शिक्षा पूरी कराई जाएगी
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पेंशन योजनाएं और मनरेगा के अंतर्गत रोजगार दिलाया जाएगा
🛠 महिला के लिए अब आगे क्या?
डीएम द्वारा दिए गए निर्देश के बाद समाज कल्याण विभाग, जिला महिला कल्याण अधिकारी, बाल संरक्षण इकाई और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी सक्रिय हो गए हैं।
उम्मीद है कि इस महिला को शीघ्र ही स्थायी राहत मिलेगी और उसके बच्चों को सुरक्षित एवं स्थिर भविष्य मिलेगा।
🗣️ क्यों है यह खबर महत्वपूर्ण?
बलिया जैसे जिले में जहां ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं सामाजिक, पारिवारिक और आर्थिक समस्याओं से जूझती हैं, वहाँ डीएम स्तर पर इस प्रकार की तत्परता और संवेदनशीलता से राहत देना एक उदाहरणात्मक प्रशासनिक कार्य है।
यह घटना जनसुनवाई तंत्र की सफलता का भी प्रतीक है, जो आमजन की आवाज को सीधे शीर्ष प्रशासन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है।