फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: जिला स्तरीय दूरसंचार समिति की बैठक में मोबाइल टावर फ्रीक्वेंसी और अन्य मुद्दों को लेकर आमजन की स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीटीएम अंकित कुमार ने बताया कि नागरिक तरंग संचार पोर्टल पर जाकर मोबाइल नेटवर्क टावर संबंधी नियमों की जांच के लिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि मोबाइल टावर को हटाने के लिए कोई तकनीकी कारण होता है, तो नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा, टावर लगाने के दौरान भूमिगत संपत्तियों को नुकसान से बचाने के लिए ‘कॉल बिफोर यू डिग’ (CBUD) मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है। यह ऐप उत्खनन एजेंसियों और भूमिगत उपयोगिता मालिकों के बीच समन्वय स्थापित करने में सहायक है।
सीटीएम ने स्पष्ट किया कि मोबाइल टावरों की स्थापना के लिए प्रशासनिक अनुमति आवश्यक है। बिना अनुमति के लगाए गए टावर अवैध माने जाएंगे और ये सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत पर कार्रवाई करते समय जनहित को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक में गांव भटोला, किदावली, सेक्टर-7 और डबुआ कॉलोनी के निवासियों द्वारा मोबाइल टावर रेडिएशन को लेकर की गई स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों पर भी चर्चा की गई। इस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि अब तक मोबाइल टावर रेडिएशन से बीमारी होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि खान-पान और अन्य जीवनशैली कारक अधिकतर बीमारियों का कारण बनते हैं।
एचएसवीपी स्टेट ऑफिसर नवीन कुमार ने भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में सभी मोबाइल टावरों को तय मानकों और नियमों के तहत ही स्थापित किया जाए। बैठक में दूरसंचार विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों ने भी भाग लिया।