बलिया / देवरिया।
कहते हैं कि चमत्कार भी कभी-कभी हकीकत बन जाते हैं। कुछ ऐसा ही वाकया रविवार को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के मनियर थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जब देवरिया जिले की एक महिला घाघरा नदी में बहती हुई करीब 60 किलोमीटर दूर बलिया के दियारा इलाके में सकुशल मिली।
🌅 सुबह टहलने निकली महिला फिसलकर नदी में गिरी
घटना की शुरुआत देवरिया जिले के मइल थाना क्षेत्र के बलिया दक्षिण गांव से हुई, जहां 50 वर्षीय शशि किरण देवी, पत्नी घनश्याम पांडेय, रविवार सुबह चार बजे रोजाना की तरह टहलने निकली थीं। परिजनों के अनुसार, वह घाघरा नदी किनारे शौच के बाद पैर धोते समय फिसल गईं और तेज धारा में बहने लगीं।
जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटीं, तो परिजन उन्हें खोजने में लग गए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
🐃 भैंस चरा रही महिला ने देखा इशारा
दोपहर करीब 2 बजे, बलिया जिले के मनियर थाना क्षेत्र के दियारा टुकड़ा नंबर-02 में बीरेंद्र प्रसाद की पत्नी निर्मला देवी, जो नदी किनारे भैंस चरा रही थीं, ने देखा कि नदी में कोई महिला हाथ-पैर हिला कर मदद की गुहार लगा रही है।
उन्होंने शोर मचाया और आसपास के ग्रामीणों को इकट्ठा किया, जिसके बाद सभी ने मिलकर महिला को नदी से बाहर निकाला और डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।
🚑 पुलिस ने पहुंचाकर कराया इलाज, फिर किया सुपुर्द
सूचना मिलते ही मनियर थाना प्रभारी रत्नेश कुमार दूबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने महिला को तत्काल पीएचसी मनियर में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर पाई गई।
पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर उन्हें जानकारी दी, और देर शाम परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां महिला को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
😢 भावुक हुआ मिलन, परिजन हुए गदगद
करीब 10 घंटे की बेचैनी और 60 किलोमीटर की नदी यात्रा के बाद जब शशि किरण देवी को उनके परिजनों ने सकुशल पाया, तो परिजन भावुक हो गए और खुशी से झूम उठे। उनके चेहरे पर राहत की चमक स्पष्ट देखी जा सकती थी।
🗣️ थानाध्यक्ष का बयान
मनियर थानाध्यक्ष रत्नेश कुमार दूबे ने बताया:
“नदी में बहती महिला को ग्रामीणों की सतर्कता से सकुशल बाहर निकाला गया। उन्हें इलाज के बाद परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। यह एक चमत्कारी बचाव था।“