अयोध्या ब्यूरो | कामता शर्मा
तारुन, अयोध्या: दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की हत्या के मामले में कोर्ट के आदेश पर तारुन पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह घटना चार महीने पहले हुई थी और अब मामले में कार्रवाई शुरू हुई है।
तारुन थाना क्षेत्र के ग्राम रजौरा झलियहवा निवासी सुनीता निषाद की शादी बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सहजपुर मठिया निवासी इंद्रजीत निषाद से हुई थी। शादी में मायके पक्ष ने बाइक, सोने के गहने और घरेलू सामान दिया था, लेकिन आरोपियों की मांगें पूरी नहीं हो पाईं।
पति, सास, ससुर और ननद पर गंभीर आरोप
मृतका के भाई अनिल निषाद के अनुसार, शादी के बाद से ही सुनीता को दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। साल 2019 में बेटी के जन्म के बाद अत्याचार और बढ़ गया। आरोप है कि पति इंद्रजीत, सास प्रेमा देवी, ससुर मनीराम और ननद शारदा देवी उसे भूखा रखते और मारपीट करते थे।
हत्या से पहले भी किया गया था प्रताड़ित
30 अक्टूबर 2024 को सुनीता को कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा गया। उसने मायके फोन कर जानकारी दी, तो परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस में शिकायत की। ससुर मनीराम के समझाने पर सुनीता को फिर से ससुराल भेज दिया गया। लेकिन इसके कुछ दिनों बाद ही पति, सास, ससुर और ननद ने मिलकर सुनीता की हत्या कर दी।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, कोर्ट ने दिया आदेश
15 नवंबर 2024 की सुबह मायके पक्ष को हत्या की सूचना मिली। परिजनों ने तत्काल तारुन थाना पुलिस को शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद एसएसपी, जिलाधिकारी तक शिकायत पहुंचाई गई, लेकिन फिर भी न्याय नहीं मिला। आखिरकार, मृतका के भाई ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के आदेश के बाद तारुन पुलिस ने पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ दहेज हत्या समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। जांच का जिम्मा पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) बीकापुर को सौंपा गया है। सीओ ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
आरोपियों में हड़कंप
कोर्ट के आदेश के बाद केस दर्ज होते ही आरोपी परिवार में हड़कंप मच गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है और जल्द ही गिरफ्तारी हो सकती है।