रिपोर्ट मुराद बलबार IBN NEWS फरीदाबाद, हरियाणा
फरीदाबादःमहाविद्यालय बल्लभगढ़ के प्रांगण में अग्रवाल वैश्य समाज व अग्रवाल महाविद्यालय बल्लभगढ़ के संयुक्त तत्वधान में एक विशाल रक्तदान शिविर व वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि डी.आर.शर्मा महासचिव इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी,हरियाणा राज्य शाखा चंडीगढ़,कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ.विनय गुप्ता,सिविल सर्जन बल्लभगढ़ व विशिष्ट अतिथि डॉ. गजराज,डेप्युटी सिविल सर्जन फरीदाबाद और डॉ.अरुण कुमार सिंघल,चिकित्सा अधिकारी,ई एस आई फरीदाबाद,विकाश कुमार सचिव जिला रेडक्रॉस फरीदाबाद व ईशांक कौशिक जिला प्रशिक्षण अधिकारी रहे। इस पुण्य कार्य की शुरुआत शहीद जय भगवान की प्रतिमा को पुष्प अर्पित कर की गई।
कार्यक्रम मुख्य अतिथि डी.आर. शर्मा,कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ.विनय गुप्ता व महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. कृष्णकांत गुप्ता,केदारनाथ अग्रवाल,प्रवीण गर्ग व अग्रवाल वैश्य समाज के अन्य गणमान्य लोगों ने वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया। डी.आर.शर्मा ने प्रदेश व जिलों में होने वाली रेडक्रॉस की गतिविधियों से सभी को अवगत कराया और उन सभी सुविधाओं से अवगत कराया जो समाज के आम लोगों को रेडक्रॉस द्वारा मुहैया कराई जा रही हैं। डॉ.विनय गुप्ता ने कहा कि कैंसर पीड़ितों का दर्द असहनीय होता है तभी डी.आर.शर्मा ने कहा कि आप जिले में कैंसर पीड़ितों की सूची तैयार कीजिए उनके इलाज में जो पैसा लगेगा उसको रेडक्रॉस की शाखा वहन करेगी व लक्ष्य अग्रवाल की याद में और भी कई वृक्षारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ.कृष्णकांत गुप्ता ने वृक्षारोपण व रक्तदान शिविर दोनों कार्यक्रमों को एक साथ आयोजन करने का कारण बताया कि वृक्षों से मिलने वाली ऑक्सीजन व दान से मिला रक्त दोनों ही जीवन को बचाने का कार्य करते हैं। महाविद्यालय की टीम बाती ने कोरोना से बचाव का संदेश देने के लिए लघु नाटिका प्रस्तुत की। इस कार्यक्रम में स्व. लक्ष्य अग्रवाल के पिता सुनील मंगला व चाचा दिनेश मंगला, माता कविता मंगला एवं अग्रवाल वैश्य समाज से केदारनाथ अग्रवाल,प्रवीण गर्ग,रमेश अग्रवाल व राजू गुप्ता भी उपस्थित रहे। गौरतलब है की रक्तदान शिविर में 77 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन युवा रेडक्रॉस के समन्वयक डॉ.जयपाल सिंह ने किया व मंच संचालन का कार्य सुप्रिया ढांडा ने किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. के.एल.कौशिक,डॉ.नरेश कामरा, कमल टंडन,डॉ.मनोज शुक्ला, डॉ.अशोक कुमार निराला और अन्य सभी शिक्षक और गैर शिक्षक सदस्यों का सक्रिय योगदान रहा।