बलिया: थाना रेवती क्षेत्र के मानगढ़ गांव में पांच दिन से लापता युवक का शव गेहूं के खेत में क्षत-विक्षत हालत में मिला।
शव का ऊपरी हिस्सा जानवरों द्वारा नोचा जा चुका था, जबकि शरीर पर गहरे चोटों के निशान देख परिजनों का कलेजा फट गया।
परिजनों का आक्रोश: “समय रहते पुलिस तलाश करती तो बच सकती थी जान”
मृतक की पहचान कपड़ों के आधार पर की गई, जिसे देखते ही परिजन फफक पड़े। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए कहा कि,
पुलिस को गुमशुदगी की सूचना 5 दिन पहले दी गई थी, लेकिन कार्रवाई के बजाय परिजनों को टरकाया गया।
समय रहते तलाशी होती तो शायद युवक की जान बच सकती थी।
पुलिस की उदासीनता पर उठे सवाल
अब पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई होगी। लेकिन परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है कि जब इंसाफ में देरी मौत का कारण बन जाए, तो ऐसे सिस्टम पर सवाल उठना लाजमी है।
मामले पर पुलिस अधिकारियों का बयान
सीओ का बयान: “पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
परिजनों की मांग: “पुलिस की लापरवाही के कारण हमारे बेटे की जान गई, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है, और न्याय की मांग को लेकर लोगों में आक्रोश बना हुआ है।