IBN News | बलिया रिपोर्ट
बलिया। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर जिला प्रशासन अब सतर्क मोड में है। इसी क्रम में गुरुवार, 26 जून 2025 को गंगा नदी के उजियार घाट पर बाढ़ के दौरान बचाव व राहत कार्यों के मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखना और आमजन को जागरूक करना रहा।
🚨 आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई का अभ्यास
मॉक ड्रिल की शुरुआत सुबह 9 बजे हुई, जब इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (EOC) को सूचना मिली कि गंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और गांव जल से घिर गया है (Maroond)। सूचना मिलते ही वायरलेस से कंट्रोल रूम को अलर्ट किया गया।
एनडीआरएफ (11वीं बटालियन) के निरीक्षक राम यज्ञ शुक्ला के नेतृत्व में बचाव टीम ने पानी में फंसे लोगों को निकालने, सीपीआर प्रशिक्षण देने और डूबते व्यक्ति को बचाने का अभ्यास किया।
👨⚕️ प्राथमिक उपचार और सर्पदंश से निपटने का अभ्यास
रेड क्रॉस सोसायटी बलिया एवं नरही के अधीक्षक डॉ. पंकज ने सर्पदंश व प्राथमिक उपचार की जानकारी दी। इस दौरान आपदा मित्र धर्मेंद्र कुमार ने नदी के बीच लगभग आधे घंटे तक ‘सोये रहने’ का साहसिक प्रदर्शन किया, जिसे लोगों ने खूब सराहा।
🚑 बाढ़ पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने का रियल-टाइम अभ्यास
बाढ़ में डूबे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल कर तत्काल एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल तक ले जाने का व्यावहारिक अभ्यास किया गया। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मॉक ड्रिल देखने पहुंचे और इसे सराहा।
🗣️ गोष्ठी में सभी विभागों ने साझा कीं अपनी तैयारियां
मॉक ड्रिल के बाद एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा की गई। इसमें कई विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया:
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन (स्वास्थ्य विभाग)
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डॉ. एस.के. मिश्र (पशुपालन विभाग)
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शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय (रेड क्रॉस सोसायटी)
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कपिल देव (नेहरू युवा केंद्र)
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आशा राम वर्मा (सिटी मजिस्ट्रेट)
💬 “जन जागरूकता ही बचाव का सबसे सशक्त माध्यम” — NDRF
एनडीआरएफ डिप्टी कमांडेंट नवीन शर्मा ने कहा कि,
“जनमानस को आपदा के प्रति जागरूक करना ही सबसे बड़ा बचाव है। यदि समय रहते लोग सतर्क हों, तो जान-माल की हानि को कम किया जा सकता है।”
👥 उपस्थित अधिकारी व स्वयंसेवी
इस अवसर पर नायब तहसीलदार सदर, खंड विकास अधिकारी सोहाव, बाढ़ विभाग, लोक निर्माण विभाग, रेड क्रॉस और अग्निशमन विभाग से अधिकारी उपस्थित रहे।
निर्भय नारायण सिंह, सौरभ पांडेय, अजय पांडेय (स्काउट गाइड), संजय यादव (अग्नि शमन) सहित कई स्थानीय स्वयंसेवकों ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम का संचालन निरीक्षक राम यज्ञ शुक्ला (NDRF) ने किया।