रिपोर्ट: कामता शर्मा, अयोध्या ब्यूरो | टीम IBN न्यूज़
अयोध्या, अयोध्या की पुलिस आपात सेवा डायल 112 को सोमवार को 14 और नयी चार-पहिया गाड़ियाँ मिलीं। ज़िले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. गौरव ग्रोवर ने पुलिस लाइन परिसर में आयोजित समारोह में हरी झंडी दिखाकर इन वाहनों को सभी थाना क्षेत्रों के लिए रवाना किया। इसके साथ ही जनपद में डायल 112 के कुल वाहनों की संख्या 60 के पार पहुँच गई है, जिससे रिस्पॉन्स टाइम और समग्र सुरक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
🔑 मुख्य बिंदु
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सरकारी मंज़ूरी: उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या को डायल 112 के लिए 14 नये वाहन आवंटित किए।
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त्वरित कार्रवाई: बढ़े हुए बेड़े से हर कॉल पर औसत रिस्पॉन्स टाइम घटाकर 10–12 मिनट करना लक्ष्य।
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सुरक्षा विस्तार: भीड़भाड़ वाले मंदिर-क्षेत्र, ग्रामीण इलाक़े और हाईवे पर गश्त बढ़ाई जाएगी।
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प्रौद्योगिकीय अपग्रेड: सभी वाहन GPS, वीटीएस, डैश-कैम और मेडिकल किट से लैस।
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जन-सहयोग आह्वान: एसएसपी ने नागरिकों से सेवा के दुरुपयोग से बचने और इमरजेंसी में 112 डायल करने की अपील की।
🗣️ एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर का वक्तव्य
“इन 14 नये वाहनों के जुड़ने से अयोध्या पुलिस का प्रतिक्रिया समय और निगरानी क्षमता दोनों में भारी सुधार आएगा। हमारा लक्ष्य है कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस अधिकतम 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुँचे।”
— डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी अयोध्या
उन्होंने यह भी जोड़ा कि आगामी त्योहारों और पर्यटक सीज़न को देखते हुए विशेष ब्लू-प्रिंट तैयार किया गया है, ताकि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज़ पर अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को निर्बाध सुरक्षा मिल सके।
🛠️ कैसे काम करेगा डायल 112 का नया बेड़ा
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| वाहन प्रकार | अत्याधुनिक पेट्रोल व डीज़ल SUV |
| तकनीकी उपकरण | GPS-ट्रैकिंग, वीडियो ट्रांसमिशन सिस्टम, डैश-कैम |
| ऑन-बोर्ड सुविधा | फर्स्ट-एड किट, ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर |
| कर्मचारियों की संख्या | प्रति वाहन 3 प्रशिक्षित पुलिसकर्मी |
| कवरेज क्षेत्र | समस्त 15 थाना क्षेत्र एवं 3 ट्रांज़िट कॉरिडोर |
टिप्पणी: यह तालिका सिर्फ बुनियादी जानकारी के लिए है; विभाग आवश्यकता के अनुसार संसाधनों को पुनः आवंटित कर सकता है।
🔍 डायल 112 की पृष्ठभूमि और महत्त्व
डायल 112 उत्तर प्रदेश सरकार की एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा है, जो पुलिस, स्वास्थ्य और अग्निशमन विभागों को एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर जोड़ती है। अयोध्या में 2019 से सक्रिय इस सेवा ने अब तक 1.8 लाख से अधिक कॉल का समयबद्ध समाधान किया है। वाहन वृद्धि से यह आंकड़ा और बेहतर होने की संभावना है।
🛡️ सुरक्षा के नए मानक
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हाईवे पैट्रोलिंग यूनिट: नेशनल हाईवे-27 और -330 पर चौबीसों घंटे गश्त।
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धार्मिक परिसरों की निगरानी: राम जन्मभूमि, हनुमानगढ़ी व अन्य प्रमुख मंदिरों के आसपास त्वरित रिस्पॉन्स यूनिट (QRU)।
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रूरल रिस्पॉन्स हब: दूरदराज़ के गाँवों में मोबाइल आउटपोस्ट स्थापित।
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साइबर नियंत्रण कक्ष: 112 ऐप, सोशल मीडिया अलर्ट और सीसीटीवी फीड का रीयल-टाइम विश्लेषण।