अयोध्या ब्यूरो: कामता शर्मा
रामनगरी अयोध्या में धार्मिक महत्व के पथों की श्रृंखला में अब एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राम पथ, भक्ति पथ, और जन्मभूमि पथ के बाद अब “भरत पथ” का निर्माण प्रस्तावित है। यह पथ राममंदिर को भगवान श्रीराम के छोटे भाई महात्मा भरत की तपोस्थली भरत कुंड से सीधे जोड़ेगा।
🛣️ भरत पथ की प्रमुख विशेषताएँ
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🔸 लंबाई: 20 किलोमीटर
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🔸 चौड़ाई: दोनों ओर 9-9 मीटर (कुल 18 मीटर)
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🔸 डिवाइडर: 2.5 मीटर
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🔸 कुल लागत: ₹900 करोड़
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🔸 प्रस्ताव भेजा गया: लोक निर्माण विभाग द्वारा मुख्यालय को
📍 कहाँ से कहाँ तक होगा यह पथ?
भरत पथ की शुरुआत राम पथ के किनारे स्थित रानोपाली रेलवे क्रॉसिंग से होगी। यह मार्ग विद्याकुंड और दर्शन नगर होते हुए प्रयागराज हाईवे पर स्थित भरत कुंड तक पहुंचेगा।
वर्तमान में यह मार्ग केवल टू-लेन है, लेकिन इस परियोजना के तहत इसे वाइड फोर-लेन और स्मार्ट सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा।
🙏 धार्मिक और यातायात दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण
यह पथ केवल एक सड़क नहीं, बल्कि श्रद्धा का मार्ग होगा। रामभक्त अब रामलला के दर्शन करने के बाद सीधे महात्मा भरत की तपोभूमि तक यात्रा कर सकेंगे।
साथ ही यह पथ अयोध्या धाम के यातायात को भी नई दिशा देगा। श्रद्धालुओं को जाम से राहत मिलेगी और यात्रा सुरक्षित व सुगम होगी।
🏗️ परियोजना की वर्तमान स्थिति
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लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय को भेजा है।
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भूमि चिन्हांकन और तकनीकी सर्वेक्षण का कार्य भी प्रारंभिक चरण में है।
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कार्य की स्वीकृति मिलते ही निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।