अयोध्या ब्यूरो कामता शर्मा
अयोध्या
भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या इस समय धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव का केंद्र बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार निखरती आ रही अयोध्या में इस बार रामकथा पार्क में सातवें संस्करण की भव्य फिल्मी रामलीला का शुभारंभ हुआ।
यह रामलीला 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित की जाएगी। इसकी शुरुआत पहले दिन नारद मोह प्रसंग से हुई, जिसे देखकर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
🎭 120 फीट ऊंचे मंच पर थ्रीडी तकनीक का इस्तेमाल
इस बार की रामलीला की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे 120 फीट ऊंचे मंच पर अत्याधुनिक 3D तकनीक के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। दर्शकों को ऐसा अनुभव मिलेगा मानो वे रामायण के जीवंत दृश्यों का हिस्सा हों।
इसके अलावा 240 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा, साथ ही 190 फीट ऊंचे मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन भी रामलीला का मुख्य आकर्षण रहेगा।
🛠️ 60 कारीगर बना रहे हैं विशाल पुतले
रामलीला के आयोजकों के मुताबिक, इस बार चार राज्यों से आए 60 कारीगर इन विशाल पुतलों को तैयार कर रहे हैं। यह कला और तकनीक का अद्भुत संगम होगा, जो इस रामलीला को ऐतिहासिक बनाएगा।
🌟 बड़े कलाकारों की शानदार भूमिका
इस रामलीला में फिल्मी सितारों की भागीदारी दर्शकों के लिए खास आकर्षण है।
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भगवान शंकर की भूमिका बिंदु दारा सिंह निभा रहे हैं।
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बाली का किरदार सांसद मनोज तिवारी कर रहे हैं।
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परशुराम का अभिनय पुनीत इस्सर कर रहे हैं।
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केवट की भूमिका रवि किशन निभा रहे हैं।
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रावण का रोल विजय सक्सेना कर रहे हैं।
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श्रीराम की भूमिका राहुल भूचर कर रहे हैं।
इससे अयोध्या की रामलीला में भक्ति और बॉलीवुड का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
👑 मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 बनीं माता सीता
रामलीला की एक और खासियत यह है कि इस बार माता सीता का किरदार मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 मणिका विश्वकर्मा निभा रही हैं। आयोजकों का कहना है कि इससे रामलीला की भव्यता और बढ़ेगी तथा यह इतिहास में एक अनूठा अध्याय दर्ज करेगी।
📺 47 करोड़ दर्शकों ने देखा था पिछला संस्करण
संस्थापक अध्यक्ष सुभाष मालिक ने बताया कि रामलीला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।
पिछले वर्ष इसका प्रसारण 47 करोड़ दर्शकों ने ऑनलाइन और दूरदर्शन के माध्यम से देखा था। इस बार भी इसका सीधा प्रसारण हर रोज शाम 7 बजे से 10 बजे तक विभिन्न मंचों पर किया जाएगा।
🛕 पर्यटन और संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
इस भव्य आयोजन से अयोध्या में धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी। हर दिन हजारों की संख्या में लोग रामकथा पार्क पहुंचकर इस अद्वितीय आयोजन के साक्षी बन रहे हैं।