📍फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
हरियाणा के ऐतिहासिक अनंगपुर गांव में बीते 20 दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब और भी व्यापक रूप लेता जा रहा है। रविवार को पलवल, बागपत (उत्तर प्रदेश) और अन्य क्षेत्रों से प्रमुख खाप पंचायतों के सरदार धरना स्थल पर पहुँचे और आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
✊ खापों का एक सुर में ऐलान:
धरने को संबोधित करते हुए खापों के सरदारों ने स्पष्ट कहा:
“हम सभी अनंगपुर संघर्ष समिति के एक इशारे पर खड़े दिखाई देंगे। किसी भी हालत में सरकार को तानाशाही रवैया अपनाने नहीं देंगे। गांव की मलकियत गांव की ही रहेगी।”
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि 1300 साल पुराने अनंगपुर गांव को उजड़ने नहीं दिया जाएगा। गांव के जिन लोगों को जमीन की रजिस्ट्री, खरीद-फरोख्त का वैधानिक अधिकार है, वह अधिकार छीने नहीं जा सकते।
🏛️ समर्थन देने पहुंचे प्रमुख खाप प्रतिनिधि:
इस आंदोलन को समर्थन देने वाले प्रमुख खाप सरदारों में शामिल थे:
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सुरेन्द्र सोलंकी (360 खाप के प्रधान)
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नरेश प्रधान (96 खाप)
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जस्सा नम्बरदार (28 खाप)
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ज्ञानचंद चौहान (जाट भवन प्रधान)
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समंदर सिंह चौहान (भारतीय किसान यूनियन, पलवल)
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जितेन्द्र धामा (खेकड़ा खाप 365)
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कैप्टन विनोद कुमार
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ब्रिजेन्द्र सिंह (धनखड़ खाप)
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रतन सिंह (लाकड़ खाप)
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रामबीर सिंह (राठी खाप)
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हरबंस पहलवान, अत्तर सिंह मीट रोल, देवेन्द्र सरपंच (पलवल), प्रवीन नम्बरदार आदि।
📌 धरना स्थल पर मौजूद रहे समिति के प्रमुख सदस्य:
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अत्तर सिंह नेता (समिति अध्यक्ष)
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अजय पाल सरपंच, भीम सिंह, चमन भड़ाना
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जय भगवान वकील, राजकुमार भड़ाना, रिशीपाल भड़ाना
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धर्म भड़ाना, गौतम, शिवकुमार भगत, प्रेमकृष्ण आर्य
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भगवत, सुशील, योगेश, विपिन सहित अन्य पदाधिकारी
🙏 सांसद से अपील
गांव अनंगपुर संघर्ष समिति ने स्थानीय सांसद का धन्यवाद करते हुए अनुरोध किया कि वे इस मामले में दखल देकर गांव को इस संकट से बचाएं।