मीरजापुर।
एक तरफ केंद्र और प्रदेश सरकारें संचारी रोग नियंत्रण के तहत स्वच्छता अभियान को लेकर गंभीर हैं, वहीं दूसरी तरफ अहरौरा नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही इन प्रयासों पर पानी फेर रही है। नगर के कई वार्डों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है।
🔴 खुले में कचरा, चोक नालियां, मच्छरों का आतंक
नगर पालिका के वार्ड नंबर 9 समेत अन्य वार्डों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। नालियां खुली पड़ी हैं और कई जगहों पर चोक होने से पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे न केवल दुर्गंध फैल रही है, बल्कि सांप, चूहे और अन्य विषैले जीव भी सड़कों पर नजर आने लगे हैं।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि इस गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बेतहाशा बढ़ चुका है और मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसे रोगों का खतरा बढ़ता जा रहा है।
🗣️ स्थानीयों का आरोप – प्रशासन को नहीं कोई परवाह
वार्ड नंबर 9 के निवासी मुरारी यादव, किशन मौर्य, बबलू, इंद्रमणि तिवारी, बुद्धू और रिंकू आदि ने कहा कि सफाई कर्मचारी कभी-कभार ही नजर आते हैं। मोहल्ले की गलियों में महीनों से झाड़ू तक नहीं लगी। कई बार मीडिया में खबरें प्रकाशित होने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन ने कोई संज्ञान नहीं लिया।
💰 करोड़ों का बजट, फिर भी व्यवस्था ठप
नगर पालिका प्रशासन हर वर्ष लाखों रुपये सफाई व्यवस्था पर खर्च करने का दावा करता है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके ठीक विपरीत है। पट्टिकला क्षेत्र, वार्ड नंबर 9, सरकारी दफ्तरों के पास और मुख्य मार्गों तक पर गंदगी पसरी हुई है।
⚠️ बढ़ता संचारी रोगों का खतरा
1 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अहरौरा जैसे नगर में स्थानीय निकाय की लापरवाही इस अभियान की सफलता पर सवाल खड़ा कर रही है।
अगर जल्द ही नगर पालिका द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो किसी बड़े स्वास्थ्य संकट से इनकार नहीं किया जा सकता।