📍 फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: स्थानीय मदरसा मख्जनूल उलूम, ऊंचा गांव में जमियत ए उलामा जिला फरीदाबाद की महत्वपूर्ण कार्यकारिणी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मौलाना जमालुद्दीन ने की, जिसमें समाज के नौजवानों के भविष्य को लेकर अहम निर्णय लिए गए। बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुधार को लेकर एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाना है।
🎯 शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता
मौलाना जमालुद्दीन ने कहा कि समाज में व्याप्त नशा, जुआ, सट्टा और धोखाधड़ी जैसी बुराइयों को रोकने का एकमात्र समाधान शिक्षा है। उन्होंने बच्चों को स्कूल और मदरसों में प्रेरित कर शिक्षा दिलवाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि दिनी मदारिस (धार्मिक शिक्षण संस्थान) में मजहबी शिक्षा के साथ-साथ हिंदी और अंग्रेजी के शिक्षक रखे जाएं ताकि बच्चों को स्तरीय और आधुनिक शिक्षा मिल सके।
📢 मौलाना शौकत अली ने जताई चिंता
मेवात के प्रसिद्ध आलिम व समाजसेवी मौलाना शौकत अली, पूर्व महासचिव जमियत ए उलामा हरियाणा-पंजाब ने अपने संबोधन में अफसोस जताते हुए कहा कि समाज के युवा नशा और अन्य खतरनाक आदतों में लिप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि “यदि आज हम शिक्षित नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियाँ अंधकार में डूब जाएंगी।”
🕌 मस्जिदों के इमामों से अपील
मौलाना मुहम्मद जाहिद अमीनी, उपाध्यक्ष जमियत ए उलामा हरियाणा-पंजाब ने मस्जिदों के इमामों और समाज के चौधरियों से आग्रह किया कि वे नौजवानों को शिक्षित करने और उन्हें गलत राहों से बचाने की दिशा में प्रयास करें।
👥 बनी 7 सदस्यीय निगरानी कमेटी
कार्यक्रम की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए हजरत मौलाना अशरफ अली, इमाम दिल्ली वाली मस्जिद बड़खल के नेतृत्व में 7 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया:
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मौलाना शाहिद – महासचिव जिला जमियत, बड़खल
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हाजी सरदार खान
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मौलाना इनामुल हसन कासमी
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मौलाना अब्दुल सत्तार – उपप्रधान, जिला जमियत लकड़पुर
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हाफिज मोहम्मद शाहीद – गोंछी
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मौलाना निसार कासमी – सेक्टर 62
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हाफिज मुहम्मद रहीस – अटेरना
🙏 समापन व दुआ
बैठक में दर्जनों जिम्मेदार लोग, मस्जिदों के इमाम और समाजसेवी मौजूद रहे। इस अवसर पर मोहम्मद यूसुफ, हाफिज मोहम्मद अत्तिकुर रहमान, चौधरी अब्बास खान, शेर खान मलिक, बाबू खान सिद्दीकी, मौलाना मोहम्मद आबिद, हाजी खुर्शीद अहमद, कारी मोहम्मद अब्बास, और हाफिज मोहम्मद आसिफ ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का समापन मौलाना मोहम्मद अशरफ अली की विशेष दुआ के साथ किया गया।