मिर्जापुर– नगर मजिस्ट्रेट एवं सचिव, विन्ध्याचल विकास प्राधिकरण मिर्जापुर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में किया गया। इस बैठक में प्राधिकरण क्षेत्र से संबद्ध सभी आर्किटेक्ट और इंजीनियरों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य महायोजना-2031 के अंतर्गत आने वाले विकास क्षेत्रों में मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया, अवैध प्लाटिंग पर रोक, तथा भवन निर्माण में निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना था।
📋 OBPAS पोर्टल पर मानचित्र निस्तारण पर हुई चर्चा
बैठक में ऑनलाइन OBPAS (Online Building Plan Approval System) पोर्टल के माध्यम से दाखिल किए जाने वाले मानचित्रों के निस्तारण एवं उत्तर प्रदेश शमन उपविधि-2009 के तहत शमनीय एवं अशमनीय मानचित्रों की समीक्षा पर विस्तृत मंथन किया गया।
नगर मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि कोई भी मानचित्र नियमों के विरुद्ध न स्वीकृत हो, यह सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
⛔ अवैध प्लाटिंग पर सख्ती, प्रचार-प्रसार पर जोर
बैठक में बताया गया कि प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत होने वाली अवैध प्लाटिंगों पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। यदि किसी अवैध प्लाटिंग पर उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाती है तो इससे आम जनता को नुकसान हो सकता है।
इसीलिए, आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से निर्देश दिए गए कि:
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बिना अनुमति वाले भूखंडों की खरीद-फरोख्त से बचें।
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केवल स्वीकृत मानचित्र पर ही भवन निर्माण करें।
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निर्माण कार्य मानचित्र के अनुसार ही हो, अन्यथा विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
📢 आर्किटेक्ट और इंजीनियरों को प्रचार-प्रसार के निर्देश
बैठक में सभी आर्किटेक्ट एवं इंजीनियरों को निर्देशित किया गया कि वे भी अपने स्तर से आम जनता में जागरूकता फैलाएं और लोगों को मानचित्र स्वीकृति व वैध निर्माण की आवश्यकता के बारे में शिक्षित करें।
👩💼 प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्राधिकरण की ओर से डॉ. प्रीति जायसवाल (प्रभारी नगर नियोजक) तथा प्रभु नारायण (अवर अभियंता – सिविल) भी उपस्थित रहे। इनके अलावा मिर्जापुर विन्ध्याचल विकास प्राधिकरण से संबंधित सभी आर्किटेक्ट एवं इंजीनियरों की सक्रिय सहभागिता रही।