फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के कम्युनिकेशन एंड मीडिया टेक्नोलॉजी विभाग द्वारा फिल्म और थिएटर अभिनय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन महार्षि नारद स्टूडियो में किया गया। यह कार्यशाला विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और नवोदित कलाकारों के लिए रचनात्मक एवं प्रायोगिक अनुभव से भरपूर रही।
🎭 मंच पर मुकेश भाटी का अभिनय अनुभव
कार्यशाला का संचालन मुकेश भाटी ने किया, जो दो दशकों से अभिनय क्षेत्र में सक्रिय, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) के प्रशिक्षित अभिनेता और मुकेश भाटी एक्टिंग स्कूल, फरीदाबाद के निदेशक हैं। उन्होंने अभिनय के विविध पहलुओं जैसे संवेदना, संवाद अदायगी, चरित्र निर्माण, कैमरा फेसिंग, और मंच प्रस्तुति पर विस्तार से जानकारी दी।
📚 अभिनय के नौ रस और नाट्य शास्त्र पर संवाद
मुकेश भाटी ने भारत मुनि के नाट्य शास्त्र का उल्लेख करते हुए नौ रसों की भूमिका पर चर्चा की और बताया कि एक कलाकार को किस प्रकार इन रसों को आत्मसात करके अपने अभिनय को प्रभावशाली बनाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से अभिनय के मूल मंत्र सिखाए।
🎬 छात्रों को मिला अभिनय का मंच
कार्यशाला के दौरान छात्रों को कल्पनात्मक एवं लघु नाटकीय प्रस्तुति का अवसर भी मिला, जहां उन्हें भाटी द्वारा व्यक्तिगत मार्गदर्शन और सुझाव दिए गए। उन्होंने अभिनय में अनुशासन, निरंतर अभ्यास और संवेदनशीलता को सफलता की कुंजी बताया।
🏫 विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रोत्साहन
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस.के. तोमर और डीन प्रो. अनुराधा शर्मा ने अपने संदेशों में इस कार्यशाला को छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सार्थक पहल बताया। संचार एवं मीडिया तकनीकी विभागाध्यक्ष प्रो. पवन सिंह ने सभी को बधाई दी और कार्यशाला के समन्वयक डॉ. राहुल आर्य ने धन्यवाद ज्ञापित किया।