रिपोर्ट: मुदस्सिर हुसैन | IBN NEWS | मवई, अयोध्या
“शिक्षा का दीपक जब एक सच्चे समाजसेवी के हाथों से जलता है, तो उसकी रोशनी गांव-गांव तक पहुंचती है।”
कुछ ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है स्वर्गीय अयाज़ अशरफ साहब की, जिन्होंने न सिर्फ एक शिक्षण संस्थान की नींव रखी, बल्कि ग्रामीण अंचल में शिक्षा की अलख भी जगाई।
🏫 अब्दुल हमीद मैमोरियल इंटर कॉलेज: सिर्फ एक संस्थान नहीं, बल्कि उम्मीद की किरण
मवई, अयोध्या के गांव में जब बेटियों की पढ़ाई आठवीं कक्षा के बाद रुक जाती थी, जब आसपास के इलाकों में कोई इंटर कॉलेज नहीं था, तब स्वर्गीय अयाज़ अशरफ ने यह सपना देखा — कि उनके गांव के बच्चे भी उच्च शिक्षा प्राप्त करें, और इसी सोच के साथ उन्होंने अब्दुल हमीद मैमोरियल इंटर कॉलेज की स्थापना की।
आज इस कॉलेज से हजारों छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो चुके हैं। ये संस्थान अब एक शैक्षिक केंद्र से बढ़कर ग्रामीण समाज के लिए प्रेरणा और परिवर्तन का प्रतीक बन चुका है।
🧔 मोहम्मद शमीम खां की भावुक श्रद्धांजलि
कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं समाजसेवी मोहम्मद शमीम खां ने एक विशेष बातचीत में कहा,
“स्वर्गीय अयाज़ अशरफ साहब ने जो बीज बोया था, आज वह वटवृक्ष बन चुका है। उनकी सोच और समर्पण को कभी भुलाया नहीं जा सकता।”
शमीम खां ने बताया कि आज यह संस्था अयाज़ अशरफ के पुत्र मोहम्मद राशिद खां के नेतृत्व में निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है, जो अपने पिता के सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
👨👩👧👦 बेटियों की शिक्षा की शुरुआत
इस कॉलेज की स्थापना के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य था कि गांव की बेटियां भी आगे की पढ़ाई कर सकें। यह संस्थान न केवल शिक्षा दे रहा है, बल्कि सामाजिक बदलाव का माध्यम भी बन चुका है।
📢 आगे की राह
अब्दुल हमीद मैमोरियल इंटर कॉलेज अब भविष्य की पीढ़ियों को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। यह संस्थान आने वाले समय में और भी व्यापक रूप में शिक्षा और समाजसेवा का केंद्र बनेगा।