फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद: केंद्र सरकार द्वारा बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई पर अंकुश लगाने के लिए जारी दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए, फरीदाबाद में अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में एक विशेष जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। यह आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय, एनआईटी में हुआ, जिसमें विभाग के पर्यवेक्षक, डीपीओ, पीपीओ, आंगनवाड़ी कर्मचारी और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
बाल विवाह पर सख्त संदेश, शपथ भी दिलाई गई
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी मीनाक्षी चौधरी और जिला संरक्षण अधिकारी हेमा कौशिक की मौजूदगी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बाल विवाह की रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। सभी को बाल विवाह न कराने और रोकने की शपथ भी दिलाई गई।
मीनाक्षी चौधरी ने बताया कि फरीदाबाद जिले के सभी सरकारी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में भी विद्यार्थियों को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाई जा रही है। उनका कहना था कि शिक्षा, आत्मनिर्भरता और जागरूकता ही इस सामाजिक बुराई का स्थायी समाधान हैं।
शिक्षा और सरकारी योजनाएं हैं समाधान की कुंजी
उन्होंने बताया कि लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना बाल विवाह जैसी कुप्रथा को खत्म करने में मददगार हो सकते हैं। इसके साथ ही समुदाय और परिवारों को भी अपनी परंपरागत सोच में बदलाव लाने की आवश्यकता है।
बाल विवाह करवाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम और लड़के की 21 वर्ष से कम है, और उनका विवाह होता है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनन सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अक्षय तृतीया तक चलेगा विशेष अभियान
यह जागरूकता अभियान आगामी 30 अप्रैल (अक्षय तृतीया) तक लगातार चलेगा, क्योंकि यह तिथि पारंपरिक रूप से विवाह के लिए शुभ मानी जाती है, और इसी अवसर पर बाल विवाह के मामलों में वृद्धि देखी जाती है।
बाल विवाह के दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा
जिला संरक्षण अधिकारी हेमा कौशिक ने कहा कि बाल विवाह से बच्चों की शिक्षा रुक जाती है, उनका व्यक्तिगत विकास बाधित होता है और विशेष रूप से लड़कियों की सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। कम उम्र में मां बनने से जच्चा-बच्चा दोनों के जीवन पर संकट बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त, यह कुप्रथा घरेलू हिंसा, शोषण और गरीबी को भी बढ़ावा देती है।