टीम आईबीएन न्यूज़
लखनऊ। मऊ के सदर विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट में अंतरिम जमानत दे दी, जिसके बाद शुक्रवार को दोपहर 2 बजे उन्हें कासगंज जिला जेल से रिहा कर दिया गया। उनकी रिहाई को लेकर जेल प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की।
अब्बास अंसारी को 15 फरवरी 2023 को चित्रकूट जेल से कासगंज जेल में स्थानांतरित किया गया था। चित्रकूट प्रशासन ने उन पर अपनी पत्नी से अवैध मुलाकात करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्हें कासगंज शिफ्ट कर दिया गया। इसके अलावा, चित्रकूट पुलिस ने उन पर जेल में रहते हुए गैंग चलाने के आरोप में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
रमजान के दौरान इबादत में रहे मशगूल रमजान के पवित्र माह में अब्बास अंसारी जेल में नियमित रूप से रोजा रखते थे और पांचों वक्त की नमाज अदा करते थे। जेल प्रशासन ने उनके लिए सहरी और इफ्तार का विशेष इंतजाम किया था।
शांत स्वभाव और धार्मिक गतिविधियों में संलग्न कासगंज जिला जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में रहते हुए अब्बास अंसारी का व्यवहार शांत और धार्मिक बना रहा। उन्होंने अधिकतर समय अल्लाह की इबादत और धार्मिक पुस्तकों के अध्ययन में बिताया। रिहाई की खबर सुनते ही उन्होंने अल्लाह का शुक्रिया अदा किया।
जेल प्रशासन की पुष्टि जिला कारागार पंचलाना, कासगंज के वरिष्ठ जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह अब्बास अंसारी का परवाना जेल में पहुंच गया था और नियमानुसार दोपहर 2 बजे उनकी रिहाई कर दी गई। रिहाई के समय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े इंतजाम किए गए थे।
अब्बास अंसारी की रिहाई के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। उनके समर्थक भी इस फैसले को लेकर संतोष व्यक्त कर रहे हैं।
(ब्यूरो रिपोर्ट)