
रिपोर्ट मो० अनस
गोरखपुर। शहर समता विचार मंच गोरखपुर की महिला काव्य गोष्ठी चित्रा श्रीवास्तव के संयोजन में चित्रा श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस काव्यगोष्ठी की मुख्य अतिथि मंजू श्रीवास्तव वर्जीनिया, अमेरिका से एवं विशिष्ट अतिथि उमेश श्रीवास्तव एवं रचना सक्सेना रही।
यह काव्य गोष्ठी शाम 5 बजे से 6बजे तक चली जिसका शुभारंभ रचना सक्सेना एवं मंजू श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलन और सरस्वती की मूर्ति में माल्यार्पण द्वारा किया गया। सरस्वती वंदना की सुंदर प्रस्तुति सरिता सिंह द्वारा की गयी। काव्य गोष्ठी का कुशल संचालन डॉ .प्रीति त्रिपाठी ने किया। इस काव्य गोष्ठी में सभी ने अपनी सुंदर रचनाओं की प्रस्तुति द्वारा आयोजन में चार चांद लगा दियें ।जिसमें सावन की बदरी हो
बदरी में बारिश हो ,पूनम त्रिपाठी, बरसती बूंदों में पत्तों को निखरते देखा है ,एकता उपाध्याय, धरा और गगन की प्रीत है पुरानी ,नीलम पाण्डेय ,मौसम की धीरे बरसात , धरती अम्बर से करती बात , बृज किशोरी त्रिपाठी ,श्याम घटाए बोल रहीं , कानो में रस घोल रहीं ,प्रतिभा गुप्ता बूंदों की चुनर मनभावन , चारो दिशा लहराती है ,सरिता सिंह, पानी की छप छप काग़ज़ की नाव ,साधना श्रीवास्तव, देखो अंबर झूम रहा नाचे मन का मोर,सुनैना गुप्ता ,सावन जब आता है , मेरे मन को भाता है प्रेमलता रस बिंदु ,सावन पड़े फुहार , कोयालिया गाए , मन ललचाए, स्नेहलता पाण्डेय ने , डा. प्रीति त्रिपाठी ने ये सावन है मनभावन , चित्रा श्रीवास्तव ने पूरी हुई आस, आई सावन की बरखा बहार पढ़ा। धन्यवाद ज्ञापन चित्रा श्रीवास्तव ने किया।