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महराजगंज
उत्तर प्रदेश के जनपद महराजगंज में जिला मुख्यालय पर स्थित के०एम०सी ०डिजिटल हॉस्पिटल का अधिग्रहण कर पी०पी०पी ०मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोलने की मंजूरी दे दी गयी है।
सरकार द्वारा जनपद को दिए गए सौगात से जिले में मेडिकल की पढ़ाई के साथ-साथ बेहतर ढंग से लोगों के इलाज की सुविधा भी उपलब्ध होगी। विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से जटिल से जटिल रोगों का इलाज भी संभव हो पाएगा जिससे जनपद के लोगों को अब अन्य शहरों में इलाज के लिए जाना नहीं पड़ेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने अस्पताल को अधिग्रहित कर 2024 तक एमबीबीएस की पढ़ाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। बताते चले कि जनपद में मेडिकल कालेज की सौगात मिलने के बाद केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने केएमसी डिजिटल हॉस्पिटल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि महाराजगंज जनपद तराई इलाके का पिछड़ा जिला है जिसमे यहां की जनता और जनप्रतिनिधियों द्वारा एक लंबे समय से मेडिकल कॉलेज की मांग की जा रही थी। यह जनपद एक विशेष प्रकार के संक्रमण से ग्रसित इलाका रहा है जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री को भी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन दिक्कतों को देखते हुए जनपद को पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज की सौगात दी है। यहां मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद सरकारी दर पर गंभीर से गंभीर बीमारियों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया होंगी। मेडिकल कॉलेज के खुलने से लोगों को रोजगार मुहैया होने के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य रहा है कि देश में आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया हो। केएमसी डिजिटल हॉस्पिटल के चेयरमैन विनय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच की वजह से इस अति पिछड़े जिले में मेडिकल कॉलेज की अनुमति मिली है इसलिए आज जनपद के लिए एक गौरवशाली दिन है। मेडिकल कॉलेज में डिजिटल माध्यम से देश के कोने-कोने से योग्य शिक्षक बच्चों को शिक्षा देंगें और इस मेडिकल कॉलेज से निकलने वाले डॉक्टर समाज के उत्थान और लोगों के स्वास्थ्य के लिए अपना बेहतर योगदान भी देंते रहेंगे।रिपोर्ट फणीन्द्र कुमार मिश्र