मेरे नैहर की भेजी कांच की चूड़ी जो है उससे, मेरे ससुराल के सोने का कंगन हार जाएगा: डा.कलीम कैसर
ये दुनिया तो ड्रामे की जगह है यहाँ सब मे अदाकारी बहुत है: नुसरत
रिपोर्ट ब्यूरो
गोरखपुर। व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष पुष्प दंत जैन ने कहा की इस तरह के साहित्यिक आयोजनों से समाज में भाईचारा एवं सदभाव का विकास होता है और समाज में एक अच्छे संदेश का संप्रेषण होता है,
श्री जैन, समाजसेवी अमरनाथ जायसवाल के जन्मदिन पर नेशनल जिम फाउंडेशन की ओर से कैंट थाने के निकट आयोजित काव्य गोष्टी में उपस्थित साहित्य प्रेमियों को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने अमरनाथ जायसवाल को जन्म दिन की बधाई देते हुए कहा कि मैं इस तरह के कार्यक्रमों में जब भी बुलाया जाए मैं जरूर उपस्थित रहूंगा।
इसके पूर्व फाउंडेशन की निदेशक ऐश्वर्या पाण्डेय एवं साहित्य प्रेमी एवं आयोजक अरशद जमाल सामानी ने आये हुए अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया। तदुपरांत केक काटकर अमरनाथ जायसवाल का जन्म दिन मनाया गया।
काव्य गोष्टी की अध्यक्षता करते हुए अंतरराष्ट्रीय शायर एवं मंच संचालक डा. कलीम कैसर ने अपने उद्बोधन में कहा मैं अमरनाथ जी को जन्मदिन की बधाई के साथ साथ इस बात की भी बधाई दूंगा कि इनकी संवेदनाओं से हर वर्ग के लोग आकर्षित भी होते हैं और इनसे जुड़ भी जाते हैं, इस दौर में जब मानवता का अकाल हो, अमरनाथ जी जैसे लोग मानवता की मिसाल बनते हैं।
काव्य गोष्ठी में शायर कवियों ने अपने-अपने कलाम पेश किया, जो निम्न हैं:-
डॉ. कलीम कैसर ने अपनी शेर, मेरे नैहर की भेजी कांच की चूड़ी जो है उससे, मेरे ससुराल के सोने का कंगन हार जाएगा, सुनाकर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।
प्रख्यात शायरा नुसरत अतीक़ गोरखपुरी ने पढ़ा,
तेरा नुक़सान ही होगा हमेशा
तेरे अंदर रवादारी बहुत है,
ये दुनिया तो ड्रामे की जगह है
यहाँ सब मे अदाकारी बहुत है। कवयित्री शिवांगी गोयल ने पढ़ा, सच के तूफाँ से घिर गए हो क्या, अपने वादे से फिर गए हो क्या। मुझसे नज़रें चुरा के जाते हो, अपनी नज़रों में गिर गए हो क्या। उमेश त्रिपाठी कवि ने पढ़ा,
वो इतने तंग दिल हैं, प्यार भी नहीं जताते, सोचता हूं बंद कर दूं मिलना जुलना, क्या करूं उनका, वो बेरूखी भी नही दिखाते। राजकुमार सिंह ने पढ़ा, कौन कहता है पुरुष प्रधान समाज है, घर से बाहर तक नारी का साम्राज्य है। घर में मां बहन बीबी का राज है, बाहर माया ममता सोनिया का साम्राज्य है। इस अवसर पर हरीश हंस, संजय कुमार जायसवाल, नीरज अस्थाना एवं अमृता राव ने गीत प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में सरदार जसपाल सिंह, क़ाज़ी कलीमुल हक़, राशिद, डा. प्रियंका वर्मा, ए के जायसवाल, विजय श्रीवास्तव, शशि राय, अरशद अहमद समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। गोष्ठी का संचालन राजकुमार सिंह ने तथा अरशद जमाल सामानी ने आये हुए लोगों का आभार प्रकट किया।