फरीदाबाद:जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए,उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने कहा कि शासन महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु निरंतर सक्रिय है।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि समाज में व्याप्त कुरीतियों जैसे कि बाल विवाह, दहेज उत्पीड़न और घरेलू प्रताड़ना के उन्मूलन के लिए निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं।
अधिकारियों का लक्ष्य जन-जागरूकता अभियानों के जरिए एक ऐसे समावेशी परिवेश का निर्माण करना है, जहां हर महिला अपने अधिकारों के प्रति सचेत हो और स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सके।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि आज एडब्ल्यूसी एनआईटी 02 ब्लॉक में दहेज निषेध अधिनियम के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इसके साथ ही घरेलू हिंसा के विषय पर भी विस्तृत जागरूकता सत्र आयोजित किए गए,जिनमें महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों,सुरक्षा उपायों तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं और स्थानीय निवासियों को दहेज प्रथा के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया और इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया गया।
साथ ही घरेलू हिंसा से संबंधित कानूनों,शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई,ताकि पीड़ित महिलाएं समय रहते सहायता प्राप्त कर सकें।
इस दौरान उपस्थित महिलाओं को यह संकल्प भी दिलाया गया कि वे किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह नहीं करवाएंगे और न ही होने देंगे।उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक सही जानकारी पहुंचाना है,जिससे लोग जागरूक होकर गलत प्रथाओं का विरोध कर सकें।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं और प्रशासन का सहयोग करें।