टीम IBN24x7NEWS | मीरजापुर
अहरौरा मेन कैनाल में हो रहे पानी के बड़े पैमाने पर रिसाव को बंद कराने की मांग को लेकर किसानों का धरना तीसरे दिन रविवार को भी जारी रहा। भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में दर्जनों गांवों के किसान बांध पर जुटकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण 80 से 90 क्यूसेक पानी नहर से बाहर बह रहा है, जिससे धान की फसलें सूखने के कगार पर हैं।
🔹 प्रशासन मौके पर पहुंचा, दिया आश्वासन
तीसरे दिन धरना स्थल पर चुनार एसडीएम राजेश वर्मा, चुनार सीओ मंजरी राव, एसी विजय कुमार, सिंचाई विभाग के एक्सियन हरिशंकर प्रसाद, एसडीओ त्रिपुरारी पांडेय और संबंधित तकनीकी टीम पहुंची।
अधिकारियों ने किसानों को बताया कि 11 नवंबर की सुबह स्पेशल टीम और गोताखोरों की मदद से रिसाव बंद कराने का प्रयास किया जाएगा।
एसडीएम चुनार राजेश वर्मा ने कहा—
“किसान भाई थोड़ा धैर्य रखें। 11 नवंबर को स्पेशल टीम पहुंचेगी और लीकेज को बंद कर दिया जाएगा।”
सिंचाई विभाग के एक्सियन हरिशंकर प्रसाद ने भी आश्वासन दिया कि विभाग पूरी तरह प्रयासरत है और लीक जल्द बंद कर दिया जाएगा।
🔥 किसानों का अल्टीमेटम: ”पानी बंद, धरना बंद”
किसानों ने स्पष्ट कहा कि—
“जब तक पानी रिसाव बंद नहीं होगा, तब तक धरना नहीं हटेगा।”
“यदि 11 नवंबर तक लीकेज बंद नहीं हुआ तो 12 नवंबर को स्टेट हाइवे जाम किया जाएगा।”
🌾 क्यों भड़के किसान?
नहर से हो रहा लगातार पानी का रिसाव कृषि भूमि को सूखा बना रहा है।
धान की फसलें पानी न मिलने से पीली पड़ रही हैं और सूखने लगी हैं।
किसानों का आरोप है कि—
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सिंचाई विभाग समय रहते कार्रवाई नहीं करता
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मौके पर जांच टीम बुलाई गई पर समाधान अब तक नहीं
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गोताखोरों को रेकी के लिए 3–4 दिन पहले बुलाया जा सकता था
🔍 तकनीकी टीम का बयान
तकनीकी टीम ने निरीक्षण के बाद कहा कि—
“लीकेज का स्रोत गहरा है। इसे बंद करने में 3-4 दिनों का समय लगेगा। गोताखोर पानी के अंदर जाकर सही जगह की पहचान करेंगे।”
👥 धरने में मौजूद प्रमुख किसान नेता
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प्रदेश महामंत्री प्रहलाद सिंह
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प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह
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जिला अध्यक्ष कंचन सिंह फौजी
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मंडल अध्यक्ष अजय सिंह
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गोपाल दास गुप्ता
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बड़ी संख्या में स्थानीय किसान