मीरजापुर, विन्ध्याचल मण्डल के मण्डलायुक्त राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में सम्भागीय परिवहन प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक आयुक्त कार्यालय में आयोजित की गई। इस बैठक में जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ क्षेत्र के कई वाहन स्वामी और परिवहन व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) वाराणसी भीमसेन सिंह, सचिव सम्भागीय परिवहन उदयवीर सिंह, तथा सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) रविकांत शुक्ला सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
37 बस परमिट आवेदनों पर रहेगा निर्णय लंबित
बैठक में बताया गया कि बस परमिट के लिए कुल 37 आवेदन प्राप्त हुए हैं। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि इन सभी आवेदनों को अभी लंबित रखा जाए और संबंधित मार्गों का सर्वे व परीक्षण कराया जाए।
सर्वे में यह सुनिश्चित किया जाएगा:
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संबंधित मार्गों पर पहले से कितनी बसें संचालित हैं
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यात्रियों की वास्तविक संख्या और परिवहन आवश्यकता
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रूट टाइम-टेबल की संगति
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जन सामान्य की सुविधा और सार्वजनिक परिवहन की सुगमता
जाँच के बाद ही आगामी बैठक में इन परमिट आवेदनों पर निर्णय लिया जाएगा।
ओवरलोडिंग पर बड़ी कार्रवाई: 34 ट्रक परमिट निरस्त
मण्डलायुक्त ने बैठक में ओवरलोडिंग की समस्या को गंभीर कानून उल्लंघन बताते हुए सख्त निर्देश दिए।
धारा 86 के अंतर्गत विचाराधीन 34 ट्रक परमिटों पर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि सभी 34 परमिट निरस्त किए जाएँ।
यह कदम क्षेत्र में ओवरलोडिंग को रोकने और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बस रूट विस्तारीकरण के लिए जाँच समिति गठित
बैठक में कुछ प्रमुख बस मार्गों के विस्तारीकरण व समायोजन का विषय भी सामने आया। इस पर मण्डलायुक्त ने एक विशेष जाँच समिति गठित करने के निर्देश दिए।
यह समिति:
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प्रमुख मार्गों का भौतिक निरीक्षण करेगी
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यात्रियों की संख्या और परिवहन मांग का विश्लेषण करेगी
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और अपनी रिपोर्ट प्रशासन को प्रस्तुत करेगी
मण्डलायुक्त का स्पष्ट संदेश
मण्डलायुक्त ने कहा कि—
“परिवहन व्यवस्था सीधे तौर पर आम जनता की दैनिक सुविधा से जुड़ी है। बस और ट्रक परमिट जारी करने में पारदर्शिता और जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। ओवरलोडिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”