बलिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक करोड़ से अधिक की लागत वाली विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान कई कार्यों की धीमी प्रगति पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य हर हाल में पूरे हों।
दुर्गा मंदिर व पोखरे का सौंदर्यीकरण
उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा नगरा स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में यात्री हाल व सौंदर्यीकरण का कार्य 1 करोड़ 75 लाख की लागत से कराया जा रहा है। कार्य की धीमी प्रगति पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की।
इसी तरह फेफना विधानसभा के ग्राम खरहटा में 1 करोड़ 15 लाख की लागत से पोखरे का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। 95% कार्य पूरा हो चुका है। डीएम ने शेष कार्य शीघ्र पूरा कर बैठक व्यवस्था और वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए।
मेला मैदान और एसटीपी परियोजना
रसड़ा के नाथ बाबा मेला मैदान में रिटेनिंग वॉल की मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डीएम ने स्पष्ट कहा कि मेला प्रारंभ होने से पहले कार्य हर हाल में पूरे किए जाएं।
जल निगम द्वारा 95 करोड़ 58 लाख की लागत से एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण कार्य हो रहा है। अब तक 69% कार्य पूरा हुआ है। डीएम ने इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।
विद्यालय और सेतु निर्माण कार्य
कस्तूरबा गांधी विद्यालय बेलहरी में एकेडमिक ब्लॉक व बालिका छात्रावास (लागत 4 करोड़ 6 लाख) का कार्य लापरवाही से धीमा पाया गया। डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद कार्य में सुस्ती अस्वीकार्य है।
इसके अलावा, सेतु निगम द्वारा नरही-चितबड़ागांव पक्की कोर्ट संपर्क मार्ग हेतु टोंस नदी पर सेतु पहुंच मार्ग निर्माण जल्द कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने IGRS शिकायत निस्तारण पर दी सख्त चेतावनी
इसी बैठक में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने IGRS (जन शिकायत निवारण प्रणाली) की गहन समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिया कि –
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शिकायत का निस्तारण केवल कागजों में नहीं बल्कि वास्तविक रूप से और पारदर्शी ढंग से किया जाए।
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शिकायतकर्ता से संवाद किए बिना पोर्टल पर निस्तारण रिपोर्ट अपलोड न की जाए।
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निस्तारण आख्या संक्षिप्त न होकर तथ्यात्मक और विस्तृत होनी चाहिए।
डीएम ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी शिकायत का निस्तारण बिना शिकायतकर्ता की संतुष्टि के पाया गया तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।
उन्होंने लंबित शिकायतों की समीक्षा की और जिन विभागों में शिकायतें अधिक थीं उन्हें प्राथमिकता से निस्तारण करने के आदेश दिए।
बैठक में मौजूद अधिकारी
बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, डीडीओ आनंद प्रकाश, सीएमओ डॉ. संजीव वर्मन सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।