बलिया।
जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय (जेएनसीयू), बलिया में 21 जून को 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य कार्यक्रम के जीवंत प्रसारण से हुई, जिसके बाद राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल का संदेश भी प्रसारित किया गया।
🌍 थीम: “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य”
इस वर्ष की थीम “One Earth, One Health” के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में सूर्य नमस्कार का विशेष अभ्यास कराया गया। यह अभ्यास न केवल एक संपूर्ण योग प्रक्रिया है, बल्कि इसमें 12 विशिष्ट मंत्रों के साथ आराधना कर शरीर और मन दोनों को ऊर्जावान बनाया जाता है।
🏆 विश्व रिकॉर्ड की ओर एक कदम
उत्तर प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों में एक साथ, एक समय पर सूर्य नमस्कार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य “अधिकतम संख्या में सूर्य नमस्कार करने वालों का विश्व कीर्तिमान” स्थापित करना था। जेएनसीयू और इसके सभी संबद्ध महाविद्यालयों में इस प्रयास के तहत हजारों छात्र-छात्राओं ने एक साथ भाग लिया।
🧘♀️ कुलपति के नेतृत्व में योगाभ्यास
कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी एकत्र होकर प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन और विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर योगाभ्यास में शामिल हुए।
प्राध्यापक राज कुमार के निर्देशन में योग और प्राकृतिक चिकित्सा विभाग के विद्यार्थियों ने योग सत्र का संचालन किया, जिसमें निम्नलिखित आसनों और प्राणायामों का अभ्यास कराया गया:
🔹 खड़े होकर किए गए आसन:
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ताड़ासन
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वृक्षासन
🔹 बैठकर किए गए आसन:
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वज्रासन
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शशांकासन
🔹 लेटकर किए गए आसन:
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भुजंगासन
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मकरासन
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मरकटासन
🔹 प्राणायाम:
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भ्रामरी
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नाड़ी शोधन
👥 प्रमुख अधिकारी रहे उपस्थित
इस आयोजन में विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख हैं:
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आनंद दुबे (वित्त अधिकारी)
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एस.एल. पाल (कुलसचिव)
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डाॅ. प्रियंका सिंह, डाॅ. अजय चौबे, डाॅ. विनीत सिंह, डाॅ. मनोज कुमार, डाॅ. प्रवीण नाथ यादव सहित अन्य प्राध्यापकगण
🌿 स्वस्थ जीवन के लिए योग
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल योगाभ्यास तक सीमित नहीं था, बल्कि युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन, और भारतीय संस्कृति के मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाना भी था। सूर्य नमस्कार जैसे संपूर्ण अभ्यास के माध्यम से योग को जन-जन तक पहुंचाने की पहल को सराहना मिली।