योग गुरु बाबा रामदेव के ‘शरबत जिहाद’ वाले बयान पर मुस्लिम धर्म गुरुओं ने नाराजगी जताई है। उनके बयान को मुस्लिम धर्मगुरुओं ने नफरत फैलाने वाला और गैर-जिम्मेदाराना बताया। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बताया-बाबा रामदेव अपने शरबत का प्रचार खूब करें। इसमें किसी की रोक-टोक नहीं है। मगर, वह जो हमदर्द कंपनी के रूह अफजा शरबत को जिहाद से जोड़कर प्रचार कर रहे हैं। यह सरासर गलत, अन्यायपूर्ण और गैरकानूनी है। उन्हें शरबत को जिहाद से नहीं जोड़ना चाहिए था। बाबा रामदेव योग जिहाद और पतंजलि जिहाद चला रहे हैं। देवबंद के जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा- बाबा रामदेव बयान के लिए जब तक जनता से माफी नहीं मांगते तब तक पतंजलि उत्पादों का बॉयकाट करें। रविवार को एक वीडियो जारी करते हुए कारी इसहाक ने कहा- मैं बाबा रामदेव को बुद्धिजीवी समझता था। मगर उनके अल्फाजों से दुख हुआ। ऐसी बातें करने वाला बुद्धिजीवी नहीं हो सकता। उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए। पहले पढ़िए बाबा रामदेव का बयान, जिस पर है विवाद एक वीडियो में योग गुरु रामदेव ने पतंजलि के शरबत का प्रचार करते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा, गर्मियों में प्यास बुझाने के लिए सॉफ्ट ड्रिंक के नाम पर ठंडा मतलब टॉयलेट क्लीनर पीते रहते हैं। एक तरफ टॉयलेट क्लीनर का प्रहार जहर है। दूसरी तरफ शरबत के नाम पर एक कंपनी है। जो शरबत तो देती है। मगर शरबत से जो पैसा मिलता है उससे मदरसे और मस्जिदें बनवाती है। अगर आप वो शरबत पिएंगे तो मस्जिद और मदरसे बनेंगे। अगर आप पतंजलि का शरबत पिएंगे तो गुरुकुल बनेंगे। आचार्य कुलम बनेगा। पतंजलि विश्वविद्यालय और भारतीय शिक्षा बोर्ड आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा- इसलिए मैं कहता हूं ये शरबत जिहाद है। जैसे लव जिहाद, वोट जिहाद चल रहा है। वैसे ही शरबत जिहाद भी चल रहा है। बाबा रामदेव का बयान निंदनीय, वह बुद्धिजीवी नहीं हो सकते
मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा- मैंने हाल ही में बाबा रामदेव का एक वीडियो देखा। जिसमें वह अपने शरबत का प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने हाथ में एक दूसरा शरबत दिखाते कहा- इस शर्बत को बनाने वाली कंपनी के पैसे से मस्जिद और मदरसा बनते हैं। यकीनन उनका इशारा हमदर्द कंपनी की रूहअफजा पर था। उनका यह बयान यह निदंनीय है। वीडियो में वह कह रहे हैं कि लव जिहाद, लैंड जिहाद, वोट जिहाद की तरह शरबत जिहाद चल रहा है। उनके अल्फाजों से दुख हुआ है। मौलाना ने कहा- हमदर्द जैसी प्रतिष्ठित कंपनी आजादी से पहले से ही देश में सेवा कर रही है। उसकी पहचान, उसकी गुणवत्तापूर्ण यूनानी व आयुर्वेदिक दवाओं व शरबतों से है। रूहअफजा भारत की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है। जिसे सभी धर्मों, जातियों और क्षेत्रों के लोग पसंद करते हैं। भारत में व्यापार धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता, भरोसे और इंसाफ पर होता है। जो व्यक्ति अपने उत्पाद बेचने के लिए दूसरे धर्म या समुदाय को बदनाम करे, वो समाज का दुश्मन है। न कि योग का प्रचारक। ……………….. ये खबर भी पढ़ें- हर्षा रिछारिया की पदयात्रा में मुस्लिम युवती पहुंची:टीका भी लगाया, बोली-वहां इज्जत नहीं; हर्षा की चप्पल खोई, नंगे पैर चल पड़ीं प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने सोमवार सुबह वृंदावन से संभल के लिए पदयात्रा शुरू की। हर्षा बांके बिहारी का जयकारा लगाते हुए वृंदावन से निकलीं। साधु-संत और सैकड़ों समर्थक उनके साथ चल रहे हैं। समर्थकों ने साधु-संतों और हर्षा पर फूल बरसाए। मंदिर में हर्षा की चप्पल गुम हो गई। वह पैदल ही यात्रा के लिए चल पड़ीं। इससे पहले सुबह हर्षा ने मंदिर पहुंचकर शिव और भगवान राम की पूजा की। पदयात्रा में शामिल होने के लिए मथुरा में कृष्ण जन्मस्थान के पास रहने वाली अलीशा खान भी टीका लगाकर पहुंचीं। वह नकाब पहने थी। पढ़ें पूरी खबर