मीरजापुर, 28 मार्च 2025: जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में नारकोटिक्स के क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशीले पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग को रोकने के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि/रा) शिव प्रताप शुक्ल, अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल) ओम प्रकाश सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने नारकोटिक्स सेल द्वारा जनपद स्तर पर एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई कार्रवाईयों की समीक्षा की।
मुख्य निर्देश:
- सघन चेकिंग और निगरानी:
- जिलाधिकारी ने आबकारी और औषधि विभाग को निर्देशित किया कि वे तहसील स्तर पर गठित टीमों के माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों और स्थानों की गहन जांच करें।
- विशेषकर पर्यटन स्थलों और वन क्षेत्रों में अवैध अफीम और भांग की खेती पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
- समन्वय और कार्रवाई:
- उप जिलाधिकारियों के नेतृत्व में विभागीय समन्वय को मजबूत किया जाए।
- मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
- जागरूकता अभियान:
- समाज में विशेष रूप से युवा पीढ़ी को नशीली दवाओं और ड्रग्स के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए इण्टर कॉलेज और डिग्री कॉलेजों में गोष्ठियां आयोजित की जाएं।
- इसके लिए औषधि विभाग को जिला विद्यालय निरीक्षक से समन्वय करने के निर्देश दिए गए।
- मेडिकल स्टोर्स की जांच:
- तहसील स्तर पर गठित समितियां मेडिकल स्टोर्स और ड्रग्स की दुकानों का औचक निरीक्षण करें।
- यदि कोई मेडिकल स्टोर नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- नशा मुक्ति केंद्रों की भागीदारी:
- आगामी बैठकों में नशा मुक्ति केंद्र संचालकों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिससे नशा उन्मूलन अभियान को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
इसके अलावा, जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि भविष्य में समिति की बैठकों में केवल नामित जिला स्तरीय अधिकारी ही प्रतिभाग करें। अपर पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि दोषियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाए।
इस बैठक का उद्देश्य जनपद को नशा मुक्त बनाने और मादक पदार्थों की तस्करी पर पूर्ण विराम लगाना है।