फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट | IBN24x7NEWS
फरीदाबाद: लॉयर्स सोशल जस्टिस फोरम के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश खटाना ने अवैध कालोनियों में चल रही तोड़फोड़ के खिलाफ जोरदार विरोध जताया है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे अतिक्रमण या अवैध कब्जे के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन गरीबों की छत जब जबरदस्ती छीनी जा रही है तो वह इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
🏠 गरीबों की मेहनत की कमाई पर चल रहा अतिक्रमण
एडवोकेट खटाना ने बताया कि गरीब लोग अपनी मेहनत की कमाई जोड़कर मकान बनाते हैं, जिनके बारे में तत्कालीन अधिकारियों को पूरी जानकारी थी। उन्होंने कहा कि अधिकारी और बिल्डर लॉबी मिलकर गरीबों को सपने दिखाकर उनसे पैसा लेकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। गरीबों को न तो उचित नोटिस दिया जा रहा है और न ही कोई मोहलत।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट तक आवाज उठाएंगे
राजेश खटाना ने स्पष्ट किया कि वे गरीबों के साथ हो रहे अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे और इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। उन्होंने मांग की है कि जो अधिकारी इस काम में शामिल थे, उनकी पेंशन और जो अभी भी नौकरी में हैं, उनकी तनख्वाह से गरीबों को हुए नुकसान की भरपाई होनी चाहिए।
🧳 प्रवासी नागरिकों के साथ भेदभाव बंद हो
खटाना ने फरीदाबाद में हो रही तोड़फोड़ में प्रवासी नागरिकों के साथ हो रहे भेदभाव को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन प्रवासी लोगों का इस शहर के विकास में बड़ा योगदान है, फिर भी उन्हें अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।
🏢 सरकार से सवाल: क्यों नहीं करती कालोनियों का विकास?
एडवोकेट ने कहा कि अवैध कालोनियां इसलिए बनती हैं क्योंकि सरकार वैध और सस्ती कालोनियां विकसित नहीं करती। यदि सरकार सस्ती कालोनियां बनाए और उनकी कीमत उचित रखे, तो गरीब भी वैध मकान में रह सकेगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिल्डर अवैध कालोनियां बनाकर मुनाफा कमा सकता है, तो सरकार क्यों नहीं? क्या सरकार के लिए यह घाटे का सौदा है?