फरीदाबाद से बी.आर.मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद:एक वृद्ध एवं गंभीर रूप से बीमार संत के जीवन,स्वास्थ्य,उपचार और मानवीय गरिमा एवं संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा तथा माननीय न्यायालयों के आदेशों के प्रभावी अनुपालन हेतु रामा भाई के सानिध्य में योग वेदांत सेवा समिति द्वारा,एवं महिला उत्थान मंडल द्वारा सामुहिक रूप से प्रशासन को विनम्रतापूर्वक सेक्टर 12 डिप्टी कमिश्नर ऑफिस में ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
पूज्य संत आशाराम बापू जो केंद्रीय कारागार जोधपुर में निरुद्ध हैं,उनके जीवन,स्वास्थ्य,उपचार और मानवीय गरिमा एवं संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा तथा माननीय न्यायालयों के आदेशों के प्रभावी अनुपालन हेतु। योग वेदांत सेवा समिति द्वारा ज्ञापन सौंपा गया।
➡️ज्ञापन में उल्लेखित मुख्य तथ्य एवं मांगे।
(1)आशाराम को पूर्व में माननीय न्यायालय के आदेश पर आरोग्यम हॉस्पिटल,जोधपुर में उपचार मिलता रहा है,उसी क्रम में वर्तमान गंभीर स्थिति को देखते हुए उचित चिकित्सा व्यवस्था की जाए।
(2)जेल औषधालय ने स्वयं माना है कि बापूजी के गंभीर स्वास्थ्य का निदान जेल के अंदर संभव नहीं है,इसलिए 24 घंटे प्रशिक्षित चिकित्सकों,नियमित हृदय निगरानी,आपातकालीन दवाइयों व जीवनरक्षक उपकरणों की व्यवस्था अति आवश्यक है
(3)87 वर्ष की वयोवृद्ध अवस्था को देखते हुए आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार की अनुमति प्रदान की जाए जो उनकी आयु के अनुकूल है।
समिति ने मानवीय एवं संवैधानिक आधार पर शीघ्र चिकित्सकीय हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि केंद्रीय कारागार जोधपुर में निरुद्ध 87 वर्षीय वयोवृद्ध संत आशाराम बापू की स्वास्थ्य स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। आशाराम बापू को पूर्व में भी माननीय न्यायालयों के आदेशों के आधार पर आरोग्यम हॉस्पिटल,जोधपुर में उपचार की सुविधा प्राप्त रही है।
साधक परिवार ने कहा कि वृद्धावस्था में नियमित हृदय निगरानी,आवश्यक जांच,आपातकालीन दवाईयां,जीवनरक्षक उपकरण तथा प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की चौबीसों घंटे उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जेल औषधालय ने भी स्वयं कहा है कि बापूजी के गंभीर स्वास्थ्य के निदान हेतु उचित चिकित्सा व्यवस्था जेल के अंदर संभव नहीं है।इस स्थिति को देखते हुए समिति ने मांग की है कि संत को उनकी आयु एवं प्रकृति के अनुकूल शुद्ध आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार की अनुमति दी जाए। माननीय न्यायालयों के आदेशों का मानवीय आधार पर प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।