उत्तर प्रदेश:बलरामपुर दृढ़ इच्छा शक्ति अनुशासन और निरंतर कठिन अभ्यास के दम पर बलरामपुर के पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी हर्ष वर्धन मणि दीक्षित ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सशक्त पहचान बनाई है।
हाल ही में इंदौर के अभय प्रशाल में 26 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित यूटीटीआई पैरा सीनियर नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप 2025-26 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेल पदक विजेता हरियाणा के खिलाड़ी संदीप डांगी को पराजित कर बड़ी उपलब्धि हासिल की।
यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में मध्य प्रदेश टेबल टेनिस एसोसिएशन और पैरा टेबल टेनिस प्रमोशन एसोसिएशन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई थी।
इसमें देश भर से कई शीर्ष पैरा खिलाड़ियों ने भाग लिया और उच्च स्तरीय मुकाबले देखने को मिले।
➡️व्हीलचेयर क्लास-1 में दमदार प्रदर्शन
हर्ष वर्धन मणि दीक्षित व्हीलचेयर कैटेगरी क्लास-1 में प्रतिस्पर्धा करते हैं,जिसे पैरा टेबल टेनिस की सबसे चुनौतीपूर्ण श्रेणियों में से एक माना जाता है।
इस वर्ग में खिलाड़ियों की शारीरिक गतिशीलता बेहद सीमित होती है और खेल पूरी तरह तकनीक,हाथों की ताकत,संतुलन और मानसिक दृढ़ता पर निर्भर करता है।
प्रतियोगिता के अहम मुकाबले में हर्षवर्धन ने एशियाई खेल पदक विजेता संदीप डांगी के खिलाफ शानदार खेल दिखाया और उन्हें सीधे 3-0 से हराकर जीत दर्ज की।स्कोर: 11-3, 11-5, 11-7
इस मुकाबले में उनकी सटीक सर्विस,तेज रिटर्न और आक्रामक खेल शैली ने दर्शकों और विशेषज्ञों को काफी प्रभावित किया। इसके अलावा उन्होंने मेंस डबल्स (एमडी-4) श्रेणी में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
➡️अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चमक
हर्षवर्धन मणि दीक्षित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने दुबई में आयोजित फज्ज इंटरनेशनल रीजनल टूर्नामेंट और जॉर्डन के अम्मान में आयोजित आईटीटीएफ पैरा फ्यूचर प्रतियोगिता 2025 में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इसके अलावा कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित वर्ल्ड पैरा चैलेंजर एवं वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में भाग लेकर उन्होंने विश्व स्तर के खिलाड़ियों के बीच अपनी प्रतिभा का परिचय दिया और विश्व रैंकिंग में टॉप-30 में स्थान बनाकर देश का गौरव बढ़ाया। साथ ही वर्ष 2026 की वर्ल्ड चैंपियनशिप क्वालिफिकेशन सूची में भी उन्होंने अपना स्थान सुनिश्चित किया है।
➡️संघर्ष से सफलता तक
हर्षवर्धन मणि दीक्षित का जीवन संघर्ष और प्रेरणा की मिसाल है। बचपन में उनका सपना भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा करने का था,लेकिन वर्ष 2009 में एक गंभीर दुर्घटना के कारण उनकी रीढ़ की हड्डी (C4-C5) में चोट लग गई,जिससे उनका जीवन पूरी तरह बदल गया।
कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और खेल को अपनी नई पहचान बना लिया। निरंतर अभ्यास,आत्मविश्वास और परिवार के सहयोग के बल पर उन्होंने पैरा खेलों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। आज तक वे राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 74 पदक जीत चुके हैं।
पैरा एथलेटिक्स में भी सफलता
पैरा टेबल टेनिस के अलावा हर्षवर्धन मणि दीक्षित ने पैरा एथलेटिक्स में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उन्होंने 3 स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित किया कि वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी खिलाड़ी हैं।
➡️सम्मान और लक्ष्य
उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें “सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी पुरस्कार”से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा कई खेल संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने भी उन्हें सम्मानित किया है। अपने कोच हिमांशु मणि दीक्षित और विवेक कुमार के मार्गदर्शन तथा परिवार के सहयोग से हर्षवर्धन लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।
अब उनका लक्ष्य व्हीलचेयर क्लास-1 पैरा टेबल टेनिस में विश्व स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर भारत को शीर्ष स्थान दिलाना है। उनकी प्रेरणादायक यात्रा आज युवाओं के लिए संघर्ष,साहस और सफलता का एक मजबूत उदाहरण बन चुकी है।