रिपोर्ट – IBN NEWS टीम, मीरजापुर
मीरजापुर। शरद पूर्णिमा की पावन रात अहरौरा नगर में भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का भव्य आयोजन हुआ। श्रीबाल रामलीला समिति चौक बाजार द्वारा आयोजित इस ऐतिहासिक लीला में नगर का चौक चौराहा अयोध्या नगरी में तब्दील हो गया।
जैसे ही कुलगुरु वशिष्ठ जी ने सिंहासन पूजन और मुकुटाभिषेक के साथ श्रीराम का राज्याभिषेक किया, पूरा नगर “जय श्रीराम” के उदघोष से गूंज उठा। ऐसा लग रहा था मानो त्रेता युग फिर से जीवित हो उठा हो।
श्रीराम की झांकी ने मोह लिया सबका मन
राज्याभिषेक के पश्चात श्रीराम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की झांकी का भव्य प्रदर्शन किया गया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर प्रभु का स्वागत किया। राधा-कृष्ण और शिव-पार्वती की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
बाल रामलीला समिति के अध्यक्ष कुमार आनंद ने कहा —
“रामलीला मंचन का उद्देश्य अगली पीढ़ी को श्रीराम के आदर्शों से जोड़ना और चरित्रवान समाज की स्थापना करना है।”
इसके बाद समिति की ओर से सभी कलाकारों और सहयोगियों को नगर पालिका अध्यक्ष ओम प्रकाश केसरी ने प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
धार्मिक भावना से ओतप्रोत माहौल
नगरवासियों ने दीप जलाकर भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का उत्सव मनाया। महिलाएं मंगलगान करती रहीं, बच्चों ने “राम राज्य” की झांकियों में भाग लिया। पूरा नगर आस्था और उल्लास से सराबोर था।
श्रीराम राज्याभिषेक का धार्मिक संदर्भ
रामायण के अनुसार, रावण वध और सीता माता की मुक्ति के बाद भगवान श्रीराम चौदह वर्षों का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे। उनके आगमन पर नगर में दीपमालाएं जलीं और उल्लास का वातावरण बना।
गुरु वशिष्ठ जी के आदेश पर राज्याभिषेक की तैयारियां प्रारंभ हुईं। शुभ मुहूर्त देखकर भरत जी ने सभी व्यवस्थाएं कीं। तत्पश्चात वशिष्ठ जी ने ब्राह्मणों की उपस्थिति में श्रीराम का राजतिलक किया।
राजतिलक के बाद सीता-राम रत्नजटित स्वर्ण सिंहासन पर विराजमान हुए। लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न उनके समीप खड़े थे, जबकि हनुमान जी चरणों में बैठे रहे। इसके साथ ही “रामराज्य” की स्थापना का शुभारंभ हुआ।
अहरौरा में श्रद्धा और उत्साह का संगम
यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि भक्ति, परंपरा और आदर्शों का संगम था। लोगों ने कहा कि इस वर्ष की रामलीला ने अहरौरा नगर को सचमुच “अयोध्या” में बदल दिया।
समारोह में प्रमुख रूप से बंशी अग्रहरि, बृजेश, रवींद्र नाथ, चन्द्रभान सिंह, विपिन केशरी, विकास, धीरज, अनिल, विष्णु, आशु सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।