फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
फरीदाबाद : शहर की सबसे पुरानी और ऐतिहासिक विजय रामलीला कमेटी के पौराणिक मंच पर कल रात सीता स्वयंवर का भव्य मंचन हुआ। इस दौरान माता जानकी (भूमिका में प्रिंस) और भगवान राम (भूमिका में कमल शर्मा) का जनक नगरी की पुष्प वाटिका में प्रथम मिलन दर्शाया गया।
गीत ने बांधा समा
कमेटी के पूर्व निर्देशक स्वर्गीय विश्वबंधु शर्मा द्वारा रचित प्रसिद्ध गीत “जग की रचना करने वाले क्या क्या खेल रचाते हैं, सिया राम हो जाते हैं और राम सिया हो जाती हैं” प्रस्तुत किया गया। इस गीत ने राम-सीता के दिव्य मिलन को और भी अलौकिक बना दिया और दर्शक भावविभोर हो उठे।
शिव धनुष और राजाओं की चुनौती
इसके बाद देश-विदेश से आए राजाओं ने शिव धनुष पर जोर आजमाया। हास्य कलाकार पंडित रघुनाथ शर्मा के हास्य गुल गुलों ने मंचन को जीवंत बना दिया। अंततः भगवान राम ने शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाई और माता सीता ने उन्हें वरमाला पहनाकर स्वयंवर पूर्ण किया।
परशुराम-लक्ष्मण संवाद से गूंजा मंच
जैसे ही स्वयंवर पूर्ण हुआ, तभी मंच पर परशुराम (भूमिका में निशांत नागपाल) का प्रवेश हुआ और लक्ष्मण-परशुराम संवाद ने माहौल को गरमा दिया। लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे चिराग वधवा के दमदार अभिनय को दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा।
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान
विजय रामलीला शहर की एकमात्र ऐसी रामलीला है, जिसने न केवल फरीदाबाद में बल्कि टीवी जगत के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी है।
हाल ही में जी न्यूज के विशेष कार्यक्रम “रावण” में इसी कमेटी के रावण की भूमिका निभा रहे टेकचंद नागपाल (लगातार 26 वर्षों से) और मेघनाथ बने लखन वर्मा ने हिस्सा लिया। इस दौरान फरीदाबाद की इस ऐतिहासिक रामलीला का लाइव प्रसारण हुआ।
आगामी कार्यक्रम
आज इसी मंच पर रंगारंग झांकियों का प्रदर्शन होगा और सीता-राम विवाह की खुशियां मनाई जाएंगी। आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों के साथ सीता अयोध्या आएंगी। वहीं कल इसी मंच पर राम बनवास का भावपूर्ण मंचन किया जाएगा।