टीम आईबीएन न्यूज़
ब्यूरो रिपोर्ट, गाजीपुर
जनपद गाज़ीपुर के विकास खंड मरदह में विकास खंड स्तरीय किसान सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती चिंता देवी, सहकारी समिति इंदौर के अध्यक्ष संजय सिंह, पूर्व ग्राम प्रधान मुन्ना राजभर, इफको गाज़ीपुर के क्षेत्र अधिकारी एवं सचिन तिवारी मौजूद रहे।
सभा में विशेषज्ञों ने मृदा परीक्षण के महत्व और खेत से मिट्टी का नमूना लेने के वैज्ञानिक तरीके पर विस्तृत चर्चा की। इसके साथ ही किसानों को नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर और सागरिका के प्रयोग एवं महत्व के बारे में जानकारी दी गई। खरीफ और रबी की फसलों में नैनो उर्वरक की प्रयोग विधि समझाई गई और किसानों की भ्रांतियों को दूर किया गया।
कार्यक्रम में इफको के अन्य उत्पाद जैसे बायो डी-कम्पोजर, कंर्साेटिया और जल विलेय उर्वरक की जानकारी भी दी गई।
मुख्य अतिथि धर्मेंद्र सिंह ने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक फास्फेटिक और यूरिया का उपयोग कम करके नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का अधिक से अधिक प्रयोग करें। कार्यक्रम में उपस्थित चिंता देवी ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर लगभग 109 किसान मौजूद रहे।
🌾 नैनो डीएपी का परिचय
नैनो डीएपी पारंपरिक दानेदार डीएपी का बेहतरीन विकल्प है। जिन फसलों में नैनो डीएपी का प्रयोग किया जाता है, वहां किसान दानेदार डीएपी का उपयोग आधा कर सकते हैं।
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फायदे:
✅ खेती की लागत कम
✅ उत्पादन में 6-8% तक बढ़ोतरी
✅ पर्यावरण प्रदूषण में कमी
✅ पानी, मिट्टी और हवा की गुणवत्ता सुरक्षित
पारंपरिक दानेदार डीएपी की कीमत ₹1350 प्रति बोरी होती है, जबकि नैनो डीएपी की एक बोतल (500ml) ₹600 में उपलब्ध है, जो एक एकड़ में पर्याप्त होती है।