बलिया। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय (जेएनसीयू), बलिया में खेल मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित तीन दिवसीय खेल दिवस का शुभारंभ आज धूमधाम से हुआ। उद्घाटन अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद माननीय श्री नीरज शेखर और कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को खेल भावना और अनुशासन के महत्व से परिचित कराया।
सांसद नीरज शेखर ने दिया राष्ट्रीय पहचान का संदेश
सांसद नीरज शेखर ने उद्घाटन भाषण में कहा कि आज भारत खेलों में अभूतपूर्व प्रदर्शन कर रहा है और इसमें युवाओं की अहम भूमिका है। बलिया और पूर्वांचल के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने कहा:
“मेरा विश्वास है कि जेएनसीयू के विद्यार्थी अपनी मेहनत और लगन से राष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाएंगे। विश्वविद्यालय स्तर पर खेलों की प्रतियोगिता से नई प्रतिभाएं सामने आएंगी और भविष्य में देश का नाम रोशन करेंगी।”
ज्ञान के साथ अनुशासन देता है खेल – प्रो. फूलबदन सिंह
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता प्रो. फूलबदन सिंह ने कहा कि शिक्षा के साथ खेलों का समन्वय विद्यार्थियों को अनुशासन, निष्ठा और ईमानदारी का पाठ पढ़ाता है। उन्होंने मेजर ध्यानचंद के खेल जीवन को प्रेरणा का स्रोत बताया।
कुलपति का संबोधन: सामंजस्य और समन्वय से आगे बढ़ेंगे युवा
अध्यक्षीय वक्तव्य में जेएनसीयू के कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी खेलों में सामंजस्य और समन्वय से आगे बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि –
“खेल से एकाग्रता बढ़ती है, जिससे विद्यार्थी पढ़ाई में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। मेजर ध्यानचंद ने खेल के जरिए भारत को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई, उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।”
खेल दिवस पर विशेष आयोजन
संगोष्ठी के बाद 300 मीटर स्पीड प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण डॉ. पुष्पा मिश्रा ने किया,
संचालन डॉ. सरिता पाण्डेय ने किया तथा
धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अजय चौबे ने प्रस्तुत किया।
विश्वविद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर कुलसचिव एस.एल. पाल, वित्त अधिकारी आनंद दुबे, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. विनीत सिंह, डॉ. विवेक यादव, डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, डॉ. प्रज्ञा बौद्ध, डॉ. रामसरन, डॉ. प्रेमभूषण यादव, डॉ. सौम्या तिवारी, डॉ. संदीप यादव, डॉ. रूबी सहित अनेक प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।