फरीदाबाद से बी.आर. मुराद की रिपोर्ट
श्री सिद्धदाता आश्रम में जन्माष्टमी पर भक्तिभाव की गूंज
फरीदाबाद: सूरजकुंड रोड स्थित श्री सिद्धदाता आश्रम श्री लक्ष्मी नारायण दिव्यधाम में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व अत्यंत भव्यता एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जन्माष्टमी के दिन कष्टों में जीवन जी रहे लोगों की रक्षा के लिए अवतार लिया और हमें बताया कि जीवन में धर्म, सत्य और सेवा का मार्ग अपनाकर कैसे समाज की भलाई की जा सकती है। श्री सिद्धदाता आश्रम जन्माष्टमी समारोह में भारी संख्या में भक्तगण शामिल हुए।
भगवान की लीला और जीवन मूल्य का संदेश
श्री आलोक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने चरित्र और लीलाओं के माध्यम से यह बताया कि समाज को कैसे योग्य चरित्र अपनाना चाहिए और कौन-से कदाचार को अस्वीकार करना चाहिए। उन्होंने स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज का धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनके आध्यात्मिक प्रयासों ने लाखों लोगों को धर्म के मार्ग से जोड़ा है।
शरणागति का महत्व – स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज
जगद्गुरु स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने कहा कि जन्माष्टमी का महोत्सव तभी सार्थक होगा जब हम वास्तव में भगवान को स्वीकार करेंगे। उन्होंने बताया कि भगवान ने शरणागति को सर्वोच्च उपाय बताया है। इस लोक में राजा हो, गुरु हो या कोई संपन्न व्यक्ति – सभी शरणागति को सर्वोपरि मानते हैं। जब हम कहते हैं कि “मैं आपकी शरण में हूं”, तो हमारी रक्षा व पालन-पोषण की जिम्मेदारी परमात्मा की हो जाती है। उन्होंने भक्तों को प्रोत्साहित किया कि वे केवल त्योहारों पर ही नहीं बल्कि अन्य दिनों में भी श्री सिद्धदाता आश्रम आएं क्योंकि यहां आने मात्र से आंतरिक शांति और कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उमड़ा उत्साह
समारोह के दौरान कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया, जिनमें विशेष रूप से पद्मश्री सुमित्रा गुहा का शास्त्रीय गायन दर्शकों में अत्यंत लोकप्रिय रहा। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय कोषाध्यक्ष रमेश गुप्ता, विधायक सतीश कुमार फागना, पूर्व विधायक नीरज शर्मा समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
भक्तों की अपार आस्था
हजारों की संख्या में भक्तों ने मंदिर परिसर में बैठकर भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य की परंपरा को निभाया तथा गुरु महाराज के दर्शन कर प्रसाद प्राप्त किया। भक्तों ने बताया कि आश्रम की आध्यात्मिक ऊर्जा उन्हें बार-बार यहाँ खींच लाती है।
भव्य लाइटिंग और LIVE प्रसारण ने बढ़ाया उत्साह
पूरे आश्रम एवं दिव्यधाम परिसर की आकर्षक लाइटिंग दूर से ही भक्तों को आकर्षित कर रही थी। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण अनेक LED स्क्रीन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से किया गया ताकि देश-विदेश में बैठे भक्त भी इस दिव्य भव्यता का लाभ उठा सकें।