बलिया। जनपद बलिया में अनुसूचित जनजातियों को उनके जाति प्रमाण पत्र मिलने में आ रही समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुसूचित जनजाति के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय गोंड भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
📌 गोंड जाति के प्रमाण पत्र निरस्त होने पर जताई गई चिंता
डॉ. संजय गोंड ने बैठक में स्पष्ट किया कि जिले में गोंड जाति से संबंधित जाति प्रमाण पत्रों के आवेदन तहसील स्तर पर बिना उचित कारण के निरस्त किए जा रहे हैं, जिससे कई पात्र लोग सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं।
⚖️ डीएम का सख्त निर्देश – बिना जांच, बिना सुनवाई प्रमाण पत्र निरस्त न करें
इसपर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया कि –
“यदि कोई जाति प्रमाण पत्र निरस्त किया जाता है, तो पहले आवेदक से वार्ता करें, उसकी बात सुने बिना आवेदन निरस्त न करें।”
उन्होंने यह भी कहा कि आवेदन की सत्यता की जांच के लिए खतौनी, पुराने अभिलेखों व पारिवारिक जातिगत प्रमाणों को देखा जाए। यदि आवेदक की गोंड जाति की पुष्टि हो जाती है और प्रमाणीकर्ता मौजूद है तो ही जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाए।
🔎 किसी पात्र को वंचित न किया जाए
डीएम ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि –
“कोई भी पात्र व्यक्ति गोंड जाति प्रमाण पत्र से वंचित न रह जाए।”
इस दिशा में पारदर्शी और संवेदनशील प्रक्रिया अपनाने पर बल दिया गया।
👥 बैठक में उपस्थित अधिकारीगण:
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सीआरओ त्रिभुवन सिंह
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समस्त तहसीलदारगण
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जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा
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डॉ. संजय गोंड (प्रदेश अध्यक्ष, अनुसूचित जनजाति)
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अन्य सामाजिक कार्यकर्ता व संबंधित अधिकारी
📌 महत्वपूर्ण जानकारी:
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आवेदक की बात सुने बिना न करें प्रमाण पत्र निरस्त
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खतौनियों व पुराने रिकार्ड से सत्यापन करें
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केवल प्रमाणीकर्ता की पुष्टि पर ही प्रमाण पत्र निर्गत करें
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पात्र नागरिक को लाभ मिलना सुनिश्चित हो