IBN NEWS | रिपोर्ट: मुदस्सिर हुसैन
मवई, अयोध्या |
अयोध्या जनपद के रुदौली तहसील अंतर्गत खंड पिपरा गांव में शुक्रवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में पीस कमेटी बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक विशेष रूप से मोहर्रम पर्व के मद्देनज़र बाराबंकी-अयोध्या सीमा क्षेत्र के संवेदनशील गांवों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
🔰 संयुक्त पहल: दो जिलों की पुलिस एक मंच पर
इस बैठक में बाराबंकी और अयोध्या दोनों जिलों के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी, ग्राम प्रधान, प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
🧾 प्रमुख अधिकारी एवं उनके संदेश
बैठक की अध्यक्षता बाराबंकी के रामसनेहीघाट सर्किल के क्षेत्राधिकारी जटाशंकर मिश्रा ने की। अयोध्या से रुदौली सर्किल के क्षेत्राधिकारी आशीष निगम ने सहभागिता की।
🗣️ CO जटाशंकर मिश्रा ने कहा:
“सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्वों के दौरान विशेष सतर्कता जरूरी होती है। पुलिस समन्वय से कार्य कर रही है और किसी भी अफवाह या गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई होगी।”
🗣️ CO आशीष निगम ने कहा:
“प्रशासन पूरी तरह चौकस है। संवेदनशील गांवों में सतत निगरानी जारी है और पुलिस बल को निर्देशित किया गया है कि किसी भी प्रकार की सामाजिक शांति भंग करने की कोशिश को रोका जाए।”
👮♂️ मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी:
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रत्नेश पांडेय – प्रभारी निरीक्षक, थाना टिकैतनगर
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शशिकांत यादव – प्रभारी निरीक्षक, पटरंगा थाना
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देवेंद्र सिंह – प्रभारी, सुखीपुर चौकी
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पुलिस विभाग के अन्य जवान एवं अधिकारीगण
👥 स्थानीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति:
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राधेश्याम यादव – ग्राम प्रधान
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मोहम्मद असलम उर्फ पप्पू डॉक्टर – पूर्व प्रधान
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हृदय प्रसाद, शिव कैलाश, अहिबारन यादव, शराफत अली, प्रमोद कुमार यादव, हरिश्चंद्र यादव सहित कई गणमान्य ग्रामीण
📌 क्यों है खंड पिपरा और आसपास के गांव संवेदनशील?
साहपुर, नियामतपुर, जैसे कई गांव अयोध्या और बाराबंकी की सीमा पर स्थित हैं, जहां प्रशासनिक नियंत्रण भिन्न है। उदाहरण के लिए साहपुर गांव अयोध्या जनपद में आता है, लेकिन थाना क्षेत्र बाराबंकी का टिकैतनगर है। ऐसे क्षेत्रों में त्योहारों पर दोहरी व्यवस्था और समन्वय जरूरी होता है।