मीरजापुर खजुरी नदी के पुनर्जीवन और जल संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन द्वारा की गई ठोस पहल के तहत आज उन्होंने सिटी विकास खंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत महेवा एवं वीरशाहपुर में नदी जीर्णोद्धार/सफाई कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पूर्व हर हाल में सफाई कार्य पूरा कर लिया जाए।
📍 महेवा में दीवार निर्माण पर सख्त रुख
निरीक्षण के दौरान महेवा पुल के पास नदी की तलहटी से सटी एक दीवार के निर्माण को लेकर जिलाधिकारी ने चिंता जताई और खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि लेखपाल से तत्काल नदी की चौड़ाई की पैमाइश कराई जाए। यदि दीवार नदी की सीमा के अंतर्गत आती है, तो अनाधिकृत निर्माण को हटाने की कार्रवाई की जाए।
🌿 वीरशाहपुर में नदी के किनारे-किनारे चल रहा है सफाई कार्य
इसके उपरांत उन्होंने वीरशाहपुर गांव के हनुमान मंदिर के पास नदी के किनारे-किनारे हो रहे सफाई कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि:
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नदी की तलहटी से जमी सिल्ट व मिट्टी हटाई जाए।
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झाड़ियों की कटाई कर साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
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आवश्यकता अनुसार मजदूरों की संख्या बढ़ाकर कार्य में तेजी लाई जाए।
🗣 खंड विकास अधिकारी सिटी की जानकारी
खंड विकास अधिकारी ने बताया कि:
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खजुरी नदी लोवर खजुरी से निकलकर 16 ग्राम पंचायतों से होकर 19 किलोमीटर का सफर तय कर गंगा नदी में मिलती है।
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अब तक 14 ग्राम पंचायतों में जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ हो चुका है।
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कहीं-कहीं जलभराव से कार्य में बाधा आ रही है।
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मनरेगा मजदूरों से सामान्य कार्य कराया जा रहा है, जबकि भारी सिल्ट हटाने में JCB मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।
💧 जल स्तर व कृषि के लिए होगा लाभकारी
इस नदी के सफाई व जीर्णोद्धार कार्य से:
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आस-पास के गांवों का भूजल स्तर सुधरेगा।
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किसानों की सिंचाई समस्या दूर होगी।
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पशुओं को पानी उपलब्ध होगा।
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साथ ही नदी का पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा।
✅ जिलाधिकारी का स्पष्ट संदेश
“वर्षा से पूर्व नदी की सफाई कार्य पूर्ण करना जरूरी है। यदि जरूरत पड़े, तो अतिरिक्त मजदूर लगाए जाएं ताकि जल निकासी और पर्यावरणीय लाभ समय से सुनिश्चित किया जा सके।”
— प्रियंका निरंजन, जिलाधिकारी मीरजापुर