मीरजापुर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व कार्यों एवं वादों की प्रगति की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
🔹 अधिकारियों की उपस्थिति
इस बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि/रा) अजय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (भू/रा) देवेंद्र प्रताप सिंह, उप जिलाधिकारी सदर गुलाब चंद्र, चुनार एसडीएम राजेश वर्मा, डिप्टी कलेक्टर शक्ति प्रताप सिंह सहित सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
🔹 धारा-34 के मामलों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धारा-34 के अंतर्गत लंबित आपत्तियों का गुणवत्तापूर्ण व त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से 6 माह से 3 वर्ष तक के लंबित मामलों को प्राथमिकता पर निपटाने पर जोर दिया।
“विवाद रहित मामलों को 45 दिनों के अंदर हर हाल में निस्तारित किया जाए।”
— प्रियंका निरंजन, जिलाधिकारी मीरजापुर
🔹 धारा-67: अर्थदंड के साथ वसूली सुनिश्चित करें
धारा-67 के मामलों में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अर्थदंड लगाकर उसकी वसूली भी तत्परता से सुनिश्चित करें। वसूली में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
🔹 धारा-24: 3 से 5 वर्षों से लंबित मुकदमों का त्वरित निस्तारण
जिन अधिकारियों के न्यायालयों में तीन से पाँच वर्षों से लंबित मामले हैं, उन्हें निर्देशित किया गया कि वे इनका प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण करें।
🔹 जवाबदेही व सतर्कता के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्र की स्थिति की समीक्षा कर त्वरित कार्यवाही करें ताकि आमजन को त्वरित न्याय मिल सके।