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फरीदाबाद – मेंस्ट्रुअल हाइजीन – छात्राओं को मेंस्ट्रुअल हाइजीन का महत्व समझाया

Ibn news फरीदाबाद से खुशी वत्स की रिपोर्ट

फरीदाबाद:गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल एनआईटी न-3 में प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा की अध्यक्षता में आसरा शिक्षा समिति के सहयोग से सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड,जूनियर रेडक्रॉस और गाइड्स द्वारा मेंस्ट्रुअल हाइजीन पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय की जूनियर रेडक्रॉस और सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड प्रभारी प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने कहा कि यह स्कूल में उपस्थिति और सामुदायिक जीवन में भागीदारी को प्रभावित करता है और यह उनकी सुरक्षा से समझौता करता है जिससे अतिरिक्त तनाव और चिंता पैदा होती है। मानवीय संकटों में ये चुनौतियां विशेष रूप से तीव्र हैं। मेंस्ट्रुअल हाइजीन के बारे में बात करने में न केवल गांवों में बल्कि शहरों में भी बहुत सारी महिलाएं झिझकती हैं। इस अवस्था में उन्हें क्या सावधानियां रखनी चाहिए इस बारे में वे नहीं जानतीं। इस प्रकार बहुत सारी महिलाएं स्वयं के स्वास्थ्य को खतरे में डाल देती हैं। रविंद्र मनचंदा और आसरा शिक्षा समिति के सदस्यों ने कहा कि पीरियड्स में स्वच्छता बनाए रखने से इस प्रकार होने वाले संक्रमण से स्वयं को बचाया जा सकता है। गांवों और छोटे शहरों में बहुत सारी महिलाएं पीरियड्स में कपड़े का प्रयोग करती हैं। इस कपड़े का दुबारा प्रयोग करने के लिए इन्हें धोने के बाद छिपाकर सुखाने के कारण खुली हवा या धूप नहीं लग पाती। ऐसे में इस के प्रयोग से गंभीर संक्रमण हो सकता है। पीरियड के दौरान कपड़े की जगह पैड का उपयोग करना सुरक्षात्मक होता है। आसरा शिक्षा समिति के सदस्यों ने बताया कि लंबे समय तक एक ही पैड को लगाने से पसीने के कारण पैड नम रहता है। देर तक ऐसा होने के कारण संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए छः से आठ घंटे में महिलाएं अपना पैड बदल दें, तो संक्रमण का खतरा नहीं रहता। पीरियड्स ज्यादातर महिलाओं के लिए तनाव भरे होते हैं। लेकिन इन दिनों में स्वच्छता और साफ-सफाई रखने की बहुत आवश्यकता होती है। लापरवाही की तो न केवल आपका स्वास्थ्य प्रभावित होगा बल्कि इंफेक्शन जैसी कुछ बीमारियों का सामना भी करना पड़ सकता है। पीरियड की अवस्था में महिलाओं को अपने संवेदनशील अंगों की सफाई पर ध्यान देना चाहिए। पीरियड्स के दौरान सफाई ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए प्राथमिकता के साथ मासिक धर्म चक्र के दौरान अपने पैड को बार-बार बदलने की आवश्यकता होती है। अपने पैड को उतनी बार बदलें,जितनी बार आपको साफ और सूखा रहने की जरूरत महसूस हो। आपके प्रवाह के उतार-चढ़ाव के लिए अलग-अलग पैड का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है। मेंस्ट्रुअल हाइजीन बनाए रखने के लिए हर बार सैनेटरी पैड बदलने के बाद अपने हाथों को जरूर धोएं। प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने आसरा शिक्षा समिति के सदस्यों,प्राध्यापिका अंशुल, सोनिया शर्मा एवम सभी अध्यापकों और छात्राओं को मेंस्ट्रुअल हाइजीन बनाए रखने के लिए सजग और सतर्क रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर सभी छात्राओं को सेनेटरी पैड्स भी वितरित किए गए।

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