Breaking News

चुनार मिर्जापुर: सरकारी बस की ट्रक में भिड़ंत, आठ की मौत, दर्जन से अधिक घायल 

सरकारी बस की ट्रक में भिड़ंत, आठ की मौत, दर्जन से अधिक घायल 
अहरौरा  मिर्जापुर– सरकारी अनुबंधित बस यू पी 65 बी टी 6173 जौनपुर से ओबरा के लिए जा रही थी। अहरौरा थाना क्षेत्र के लिखनियां मोड़ के पहले ही वाराणसी शक्ति नगर मार्ग पर बस ट्रक में जा घूसी। बस के पचखच्चे उड़ गए। घटना स्थल पर ही दो की मौत हो गई। शेष सभी यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही अहरौरा पुलिस हरकत में आयी और मौके पर पहुंच कर घायलों को अहरौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजवाने लगी। अस्पताल में ही तीन और यात्रियों ने दम तोड़ दिया।
लगातार आ रहे और घायलों को ट्रामा सेंटर वाराणसी को एम्बुलेंस द्वारा भेजा जाने लगा। धीरे धीरे यह संख्या दर्जन को पार कर गयी। गंभीर अवस्था में पहुंचे मरीजों को आज एक बार फिर आक्सीजन की कमी और अस्पताल की दुर्व्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। जिसके कारण जिन घायलों की जान बच सकती थी, वह मौत के गाल में समाहित हो गये। घायलों में रमाकांत गिरी, गुरूदयाल, मनोज कुमार, शिव शंकर मधुपुर, अमित सोनकर, विष्णु शंकर, राजेश कुमार, अशोक कुमार, कमलेश, गलेवसन, सिमसन, अमित वर्मा, सूर्य प्रकाश थे लेकिन घटना स्थल पर अंधेरे में गिरे पड़े और घायल भी आते रहें। मृतकों में हेमा पत्नी विष्णु, सद्दाम पुत्र शौकत, कमलेश 35 वर्ष, राजेश कुमार 35 वर्ष, विष्णु 30 वर्ष, अशोक कुमार 40 वर्ष हैं। समाचार लिखे जाने तक मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है क्योंकि ट्रामा सेंटर को रेफर अधिकांश यात्रियों के मौत होने की सूचना आ रही है।
एक घायल यात्री ने बताया कि बस में चालीस से पैतालिस बीच में सवारियों की संख्या थी और मैं थोड़ा कम घायल हुआ क्योंकि पीछे बैठा था। बस की दुर्दशा को देखते हुए घायलों और मृतकों की संख्या और भी बढ़ सकती है। बस दुर्घटना की सूचना मिलते ही एस डी एम चुनार ने मौके पर घायलों का मुआयना किया जिसपर एक मरीज ने कहा कि तीन घंटे से अधिक अस्पताल में लाये हो गया परंतु दर्द की दवा तक मुहैया नहीं कराया गया। जब इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के डाक्टर से एस डी एम ने पूछा तो दवा की अनुपलब्धता की बात की। फिर एस डी एम चुनार ने पूछा कि कौन सी दवा तो तुरंत मरीज को दर्द मुक्ति दवा दी गई।
ट्रामा सेंटर वाराणसी ले जाने के लिए सरकारी साधन उपलब्ध न हो पाये। कई मरीज घंटों अस्पताल में भर्ती रहने को बाध्य थे जबकिउनकी हालत नाजुक थी जो बाद में नीजि साधनों से ट्रामा सेंटर गये। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए खाई में गिरे मरीजों को निकाला और अस्पताल तक पहुंचाया जिसमें कांस्टेबल रणविजय कुशवाहा और कां देव नंद की भूमिका अहम रही लेकिन लगातार मौतों की एक वजह सामुदायिक स्वास्थ्य अहरौरा में जीवन रक्षक प्रणालियों का अभाव था जबकि यह अस्पताल एक्सीडेंटल जोन अहरौरा थाना अंतर्गत है
 
रिपोर्ट हरिकिशन अग्रहरि ibn24x7news मिर्जापुर

About IBN NEWS

It's a online news channel.

Check Also

50 करोड़ के लागत से गोशाईगंज भीटी व महरुआ मिझौड़ा मार्ग का होगा कायाकल्प

गोशाईगंज भीटी के लोग भी आसानी से पहुंच सकेंगे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक 1 लाख की …

Leave a Reply

Your email address will not be published.